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MP की सियासत में फिर भूचाल! एक ही घर में 37 वोटर? दिग्विजय सिंह ने सबूतों के साथ चुनाव आयोग में की शिकायत; निष्पक्षता पर उठाए सवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश में एसआईआर (SPECIAL INTENSIVE REVISION) की प्रक्रिया भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन इसको लेकर शिकायतों का दौर खत्म नहीं हुआ. पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य ऐसे कई मतदाताओं को साथ लेकर चुनाव आयोग पहुंचे. जिनके घर में कई अवैध मतदाताओं के नाम जुड़े हुए हैं. भोपाल के करोंद इलाके में रहने वाले मतदाता मोहन लाल साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर पर अभी भी 36 मतदाताओं के नाम जुड़े हैं. दिग्विजय सिंह ने ऐसे कई मतदाताओं से जुड़ी शिकायत मुख्य चुनाव पदाधिकारी से की है.

दिग्विजय सिंह बोले हमारे पास वीडियो रिकॉर्डिंग

निर्वाचन सदन में शिकायत दर्ज कराने के बाद दिग्विजय सिंह ने भारतीय नौसेना के पूर्व चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश का ट्वीट दिखाते हुए कहा कि “78 साल की उम्र में उन्हें और उनकी पत्नी को एसआईआर में शुद्धिकरण के लिए नोटिस दिया गया है. शिकायत किसने की हमें नहीं मालूम, लेकिन नोटिस चुनाव आयोग से दिया गया. उनको कई बार अलग-अलग स्थानों पर 18 किलोमीटर दूर बुलाया गया. यह है एसआईआर.

उन्होंने भोपाल में एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे पास विधिवत वीडियो रिकॉर्डिंग है, उसको जल्द ही रिलीज किया जाएगा, लेकिन हमें खुशी है कि चुनाव आयोग पदाधिकारी ने हमें समय दिया और अच्छे से सुना. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि यदि इसमें कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.”

एक घर में 37 मतदाताओं के नाम

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र में आने वाले रतन कालोनी, करोंद के मोहन लाल साहू को भी लेकर पहुंचे. मोहन लाल साहू ने बताया कि “मेरे मकान में 65 फर्जी मतदाताओं के नाम जुड़े हुए थे. शिकायत के बाद नाम हटे, लेकिन अभी भी 37 नाम और जुड़े हुए हैं.” रतन कॉलोनी के वार्ड नंबर 50 के अनिल सिंह यादव ने बताया कि “उनके घर में 45 नाम जुड़े हुए हैं. जबकि मेरे घर में 4 सदस्य ही हैं. शिकायत की है कि बाकी नाम काटे जाएं.”

रतन कॉलोनी में रहने वाले कमलेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि “वह 2007 से रह रहे हैं. एसआईआर से पहले मेरे घर से 70 फर्जी नाम जुड़े हुए थे, एसआईआर के दौरान यह सभी फर्जी नाम हटाए जाने के लिए कहा गया था. एसआईआर के बाद हमारे 8 सदस्यों के बाद भी 42 नाम और जुड़े हुए हैं. इन्हें हम जानते ही नहीं हैं. इनमें कई विभिन्न जातियों के लोग शामिल हैं. मैं भी सरकारी विभाग में 43 साल इंजीनियर रहा हूं. एआरओ रहा हूं, आरओ रहा हूं. जब तब मेरी सहमति नहीं होगी, कैसे कोई नया नाम जोड़ सकता है. यदि मकान नंबर गलत है तो उसे सुधार किया जाए, या फिर फर्जी नाम हटाए जाएं.”

1980 से रहने वाले मतदाता का नाम काटा

कांग्रेस प्रतिनिधि भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सूरज नगर में रहने वाले काजिद भाई को साथ लेकर पहुंचे. पूर्व कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि “इनका पूरा परिवार 1980 से सूरज नगर में रह रहा है, लेकिन इनका नाम काटने के लिए बीजेपी के पदाधिकारियों ने शिकायत की थी. इसकी थाने में शिकायत दर्ज कराई. संबंधित एडीएम को भी शिकायत की है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

फार्म नंबर 7 के जरिए शिकायतें कर नाम काटे गए. जिनके नाम काटे गए उनमें अधिकतर अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय के मतदाता ही हैं. प्रिंटेड फॉर्म बीजेपी से छपवाकर आपत्तियां दी गई. यह पूरे भोपाल ही नहीं, मध्य प्रदेश में हुआ है.”