मिसाइल प्रणालियों के अलावा युद्धक विमान भी हवा में उड़े
अंकाराः यूरोप और मध्य पूर्व के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन ने पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में अपनी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय तुर्की के हवाई क्षेत्र के पास एक अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करने के बाद लिया गया है।
नाटो के महासचिव ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि यह कदम सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित हवाई हमले को विफल करने के लिए एक रक्षात्मक उपाय है।
भूमध्य सागर का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहाँ हाल के महीनों में विभिन्न देशों की नौसैनिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। नाटो ने अपने पैट्रियट और ऐजिस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है, जो किसी भी आने वाले खतरे को कुछ ही सेकंड में पहचानने और नष्ट करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही, नाटो के सदस्य देशों के लड़ाकू विमान भी नियमित हवाई गश्त कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के उल्लंघन को रोका जा सके।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह अलर्ट केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उन क्षेत्रीय शक्तियों को एक सख्त संदेश भी है जो सीमाओं को अस्थिर करने का प्रयास कर सकती हैं। रूस और कुछ मध्य पूर्वी देशों के साथ जारी तनाव के बीच नाटो की यह सक्रियता यूरोप की सुरक्षा वास्तुकला को और अधिक मजबूत करती है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि सैन्य तैयारियों में इतनी अधिक वृद्धि से क्षेत्र में अनजाने में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल, नाटो का फोकस अपने पूर्वी मोर्चे की सुरक्षा पर है और वह पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।