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Cyber Fraud in Jabalpur: जबलपुर में छात्रा बनी साइबर ठगी का शिकार, ‘राजमाता’ बनकर ठगों ने ऐंठे लाखों रुपये; धार्मिक अंधविश्वास का बनाया हथियार

मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं. अब ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए धर्म और आध्यात्म का सहारा लेने लगे हैं. हाल ही में अंधविश्वास और सोशल मीडिया के खतरनाक मेल से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक छात्रा से करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई

मामला मदन महल थाना क्षेत्र का है. पीड़िता छात्रा यामिनी नगरिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका संपर्क इंस्टाग्राम पर रील के माध्यम से निशा दयाल नाम की एक महिला से हुआ था.बातचीत के दौरान आरोपी महिला ने खुद को आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान कराने वाली बताकर छात्रा का भरोसा जीत लिया. इसके बाद उसने पीड़िता को जयपुर की एक कथित गुरु राज माता के बारे में जानकारी दी और दावा किया कि वे घर-परिवार और जीवन की हर समस्या का समाधान पूजा-पाठ के जरिए कर सकती हैं.

शुरुआत में आरोपी ने पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान कराने के नाम पर पीड़िता से 2000 रुपये मांगे. छात्रा ने विश्वास करते हुए यह रकम ऑनलाइन भेज दी. इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर बार-बार पैसे मांगना शुरू कर दिया. कभी विशेष पूजा, कभी ग्रह दोष शांति और कभी समस्या दूर करने के नाम पर पैसे मांगते रहे. आरोपी लगातार क्यूआर कोड भेजकर पीड़िता से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करवाते रहे.

धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर ठगी

मंडला जिले के मोतीनाला की रहने वाली यामिनी नागरिया जबलपुर में पढ़ाई कर रही हैं. यामिनी की इंस्टाग्राम पर निशा नाम की एक महिला से इनका संपर्क हुआ था. फरियादी ने स्वयं उनसे संपर्क किया था. निशा ने इनकी समस्याएं सुनने के बाद जयपुर में रहने वाली कथित राजमाता (गुरु माता) का मोबाइल नंबर और पता दिया था. फरियादी ने उनसे संपर्क कर अपनी निजी, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं, जैसे घरेलू कलह आदि के बारे में चर्चा की और समाधान मांगा. समस्याओं के समाधान के नाम पर आरोपियों ने सदका देने की बात कही और बताया कि यह राशि बाद में वापस कर दी जाएगी.

छात्रा से कैसे ऐंठे रुपए?

इसके बाद 6 जनवरी से 12 फरवरी के बीच फरियादी से 1 हजार, 2 हजार, 3 हजार रुपये इस तरह किस्तों में कुल 1 लाख 97 हजार रुपये ट्रांजैक्शन करवा लिए गए. इस तरह फरियादी के साथ 1 लाख 97 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई. आरोपी पहले लोगों को यह कहकर अपने झांसे में लेते हैं कि उन्हें उनकी घरेलू, पारिवारिक या नौकरी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी है और वे उसका समाधान कर सकते हैं. इसी बहाने से उन्होंने फरियादी के साथ धोखाधड़ी की.

मामले में किए गए ट्रांजैक्शनों की जानकारी बैंक से तथा साइबर सेल से प्राप्त की जा रही है. साथ ही मोबाइल नंबर किसके नाम पर है, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है. बैंक खाते की जानकारी निकालने के बाद खाता धारकों से पूछताछ की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी. फरियादी को इंस्टाग्राम पर जिसने सबसे पहले संपर्क किया था, उसने अपना नाम निशा दयाल बताया था. बाद में उसी ने जयपुर की कथित गुरु माता का नंबर देकर कहा कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करेंगी. इसी प्रकार आरोपियों ने फरियादी को अपने झांसे में लिया.

पुलिस ने क्या कहा?

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी धीरज राज के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अंधविश्वास में फंसाकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं. पुलिस ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें.