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कॉन्सर्ट हॉल हमले में 19 को कठोर कारावास

मॉस्को की अदालत ने आतंकी मामले में सजा सुनायी

मॉस्कोः रूस की राजधानी मॉस्को में साल 2024 में हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में एक सैन्य अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। गुरुवार को मॉस्को की एक अदालत ने 22 मार्च 2024 को क्रोकस सिटी हॉल में हुए सामूहिक नरसंहार में शामिल 19 लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें लंबी जेल की सजा सुनाई है। यह हमला रूस के हालिया इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक था, जिसमें 149 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी और 600 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकी संगठन आईएसआईएस के एक धड़े ने इस बर्बर हमले की जिम्मेदारी ली थी।

अदालत ने मामले की गंभीरता और अपराध की क्रूरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है। कुल 19 दोषियों में से 15 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जो अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे बिताएंगे। इसके अतिरिक्त, एक अन्य दोषी को साढ़े बाईस साल (22.5 वर्ष) की कैद मिली है, जबकि तीन अन्य दोषियों को 19 साल और 11 महीने की सजा सुनाई गई है। इस सजा के माध्यम से रूसी न्याय प्रणाली ने आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।

इस मामले की कानूनी प्रक्रिया अगस्त 2025 में एक विशेष सैन्य अदालत में शुरू हुई थी। रूस में आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई आमतौर पर सैन्य अदालतों में ही की जाती है। सुरक्षा चिंताओं और संवेदनशील जानकारी के लीक होने के डर से इस पूरी सुनवाई को बंद दरवाजों के पीछे रखा गया था। मीडिया और आम जनता को कार्यवाही की विस्तृत जानकारी से दूर रखा गया, ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो।

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई वरिष्ठ रूसी अधिकारियों ने बिना किसी पुख्ता सबूत के यह दावा किया कि इस हमले के पीछे यूक्रेन की भूमिका हो सकती है। रूस की शीर्ष आपराधिक जांच एजेंसी, इन्वेस्टिगेटिव कमेटी ने बयान दिया कि इस हमले की योजना यूक्रेन के वर्तमान नेतृत्व के हितों को साधने और रूस में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। हालांकि, कीव (Kyiv) ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से स्पष्ट इनकार किया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य चार हमलावर, जो ताजिकिस्तान के नागरिक थे, हमले के तुरंत बाद यूक्रेन सीमा की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिसके आधार पर रूसी एजेंसी ने यूक्रेन पर शक जताया। इन मुख्य संदिग्धों की पहचान दलेरदज़ोन मिर्ज़ोएव, सैदाक्रामी मुरादली रचाबलिज़ोदा, शम्सिद्दीन फरीदुनी और मुहम्मदसोबीर फ़ैज़ोव के रूप में की गई थी। जब इन्हें पहली बार अदालत में पेश किया गया था, तब उनके शरीर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे यह संकेत मिला था कि गिरफ्तारी के दौरान या पूछताछ में उनके साथ काफी सख्ती बरती गई थी। 22 मार्च की उस काली रात को इन हमलावरों ने एक लोकप्रिय रॉक बैंड के शो का इंतजार कर रहे निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं और बाद में पूरी इमारत को आग के हवाले कर दिया था।