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सीरिया के पूर्व कर्नल पर मानवता के विरूध अपराध का केस

लंदन की अदालत में ऐतिहासिक सुनवाई

लंदन: सीरियाई गृहयुद्ध के काले अध्यायों से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मामला मंगलवार को ब्रिटेन की एक अदालत के सामने आया। सीरियाई वायु सेना के एक पूर्व कर्नल को लंदन में एक अनोखे और गंभीर कानूनी मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। उन पर 2011 में दमिश्क के एक उपनगर में नागरिकों पर किए गए हमलों के लिए मानवता के विरुद्ध अपराध के तहत हत्या के तीन आरोप लगाए गए हैं।

यह पहली बार है जब यूनाइटेड किंगडम में अभियोजकों ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट एक्ट 2001 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए ऐसा कोई मुकदमा दायर किया है। यह कानून ब्रिटिश अधिकारियों को उन व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देता है जो दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध अपराधों या मानवता के विरुद्ध अपराधों में शामिल रहे हों और अब ब्रिटेन में रह रहे हों।

सुनवाई की स्थिति और आरोपी का विवरण 58 वर्षीय आरोपी सालेम अल-सालेम ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्यवाही में अपने ब्रिटिश घर से वीडियो लिंक के माध्यम से भाग लिया। अदालती विवरणों के अनुसार, सालेम वर्तमान में मोटर न्यूरॉन नामक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और सुनवाई के दौरान वे एक आर्मचेयर पर बैठे दिखे, जिसमें उन्हें सांस लेने के लिए ट्यूब की सहायता लेनी पड़ रही थी। उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए, अदालत ने उन्हें कार्यवाही के दौरान अपना नाम बताने की औपचारिकता से छूट दे दी। इस प्रारंभिक चरण में उन्होंने अपनी संलिप्तता को लेकर कोई याचिका दायर नहीं की है।

पृष्ठभूमि: 2011 का दमिश्क दमन अभियोजकों के अनुसार, सालेम अल-सालेम 2011 में सीरियाई वायु सेना खुफिया समूह का हिस्सा थे। उस दौरान उन्हें दमिश्क के उपनगर जोबार में हो रहे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को कुचलने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौरतलब है कि 2011 में अरब स्प्रिंग की लहर के दौरान सीरियाई जनता तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्तावादी शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी।

सीरियाई सरकार पर उस समय इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ खूनी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया कि सालेम तीन व्यक्तियों की हत्या के लिए जिम्मेदार थे, जो नागरिक आबादी के खिलाफ व्यापक या व्यवस्थित हमले का हिस्सा था। यह मुकदमा न केवल सालेम के लिए निर्णायक है, बल्कि उन हजारों पीड़ितों के लिए भी न्याय की एक किरण है जिन्होंने सीरियाई संघर्ष के दौरान अपनों को खोया है।