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खैबर, इमाद और कद्र बैलिस्टिक मिसाइल हमला

इजरायल के खिलाफ अब बड़े हथियार निकाल रहा है ईरान

दुबईः मध्य पूर्व में जारी युद्ध के दूसरे सप्ताह में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। ईरान के एलीट रिवोल्यूशनरी गार्ड्स  ने इजरायली और अमेरिकी ठिकानों की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में खलबली मचा दी है। ईरानी गार्ड्स द्वारा जारी ताजा फुटेज के अनुसार, ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 28वें चरण के तहत खैबर शिकन, इमाद और कद्र जैसी घातक मिसाइलों का उपयोग किया गया है।

तेहरान का यह हमला सीधे तौर पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के शुरुआती चरण में अमेरिका और इजरायली सेना द्वारा सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की रणनीति का हिस्सा है। इस हाई-प्रोफाइल हत्या ने न केवल मध्य पूर्व में नए सिरे से उथल-पुथल मचा दी है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी अस्थिर कर दिया है। खाड़ी के आसमान में मिसाइलों की गूँज ने तेल कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

अमेरिकी खुफिया निदेशालय के अनुसार, ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा मिसाइल भंडार है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलें आसानी से इजरायल तक पहुँचने में सक्षम हैं। इनमें प्रमुख हैं। सेजिल: 2,000 किमी रेंज और 17,000 किमी/घंटा की गति। कद्र और खुर्रमशहर: 2,000 किमी की मारक क्षमता। इमाद: 1,700 किमी की रेंज। खैबर और हज कासिम: क्रमशः 2,000 और 1,400 किमी की क्षमता।

आज इजरायल और कतर में हवाई हमले के सायरन गूँजते रहे, जबकि जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के तेल डिपो पर भीषण प्रहार किया, जिससे तेहरान का आसमान काले धुएं से भर गया।

ईरान ने केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि उन पड़ोसी देशों पर भी हमले जारी रखे हैं जिनके बारे में उसका मानना है कि वे दुश्मन के नियंत्रण में हैं। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में हमलों की खबरें मिली हैं। कुवैती वायु रक्षा प्रणालियों ने पिछले 24 घंटों में कम से कम तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। सऊदी अरब में एक मिसाइल गिरने से एक भारतीय नागरिक सहित दो लोगों की मौत और 12 अन्य के घायल होने की दुखद खबर है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान, जिन्होंने एक दिन पहले पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी, अब अपने रुख से पलटते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा है कि तेहरान किसी भी हमले को अनुत्तरित नहीं छोड़ेगा, चाहे वह उसके पड़ोसियों की जमीन से ही क्यों न शुरू हुआ हो।