Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कांकेर धान घोटाला: 3848 क्विंटल धान हेराफेरी मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन, मरकाटोला में किया चक्का ... अमृतसर में फर्जी ट्रैवल एजेंट्स का बड़ा फर्जीवाड़ा: 15 दिनों में 15 केस दर्ज, युवाओं को सावधान रहने क... Punjab Weather Update: पंजाब के 16 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी, जानें मौसम का हाल जालंधर में गैंगस्टर का खौफ: फैशन स्टूडियो मालिक से 50 लाख की फिरौती मांगी, न देने पर जान से मारने की... किसान मजदूर संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान: 21 जुलाई को दिल्ली में महा रैली, फ्री ट्रेड समझौते का करेंगे व... संसद के मानसून सत्र में घमासान के आसार फरीदकोट पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सी.आई.ए. स्टाफ ने 3 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में हैर... बदलाव की नई पहचान बनाकर विदा हुई डीजी शोभा आहोटकर PM Modi Jalandhar Visit: 17 जुलाई को पीएम मोदी देंगे पंजाब को बड़ी सौगात, जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का... जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भूकंप

हासन जिला के इंजीनियर का लुका छिपी का खेल

लोकायुक्त की टीम को तीन घंटे तक घर के बाहर रोका

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः कर्नाटक के हासन जिले में भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ‘लोकायुक्त‘ की कार्रवाई के दौरान एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। हासन नगर निगम के एक कार्यपालक अभियंता के आवास पर छापेमारी करने पहुंची टीम को घर के भीतर प्रवेश करने के लिए करीब तीन घंटे तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा। 5 मार्च 2026 की सुबह हुई इस घटना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जांच और आरोपियों द्वारा अपनाए जाने वाले हथकंडों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोकायुक्त पुलिस की टीम सुबह करीब 5:30 बजे कार्यकारी अभियंता एम.सी. सत्यनारायण के रक्षापुरम स्थित आवास पर पहुंची। अधिकारियों ने पाया कि भूतल का दरवाजा अंदर से बंद था। बार-बार फोन करने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। हालांकि, अधिकारियों ने गौर किया कि घर के भीतर की लाइटें एक पल के लिए जलीं और फिर बंद हो गईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि परिवार अंदर ही मौजूद है।

जब अभियंता ने दरवाजा नहीं खोला, तो लोकायुक्त टीम ने पहली मंजिल की बालकनी तक चढ़ने की कोशिश की, लेकिन वे घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और लोकायुक्त एसपी बी.एन. नंदिनी को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने जब अधिकारी के फोन की लोकेशन ट्रेस की, तो वह घर के अंदर ही मिली। बाद में पता चला कि अभियंता ने दरवाजे पर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे, जिससे वह बाहर खड़ी टीम की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था।

काफी मान-मनौव्वल और एक रिश्तेदार के हस्तक्षेप के बाद, सुबह करीब 9 बजे परिवार ने दरवाजा खोला। लोकायुक्त पुलिस जब अंदर दाखिल हुई, तो उन्होंने पाया कि एम.सी. सत्यनारायण, उनकी पत्नी और उनका 25 वर्षीय बेटा सभी घर के भीतर ही मौजूद थे। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या इन तीन घंटों की देरी का उपयोग महत्वपूर्ण दस्तावेजों, नकदी या आभूषणों को छिपाने या नष्ट करने के लिए किया गया।

लोकायुक्त टीम ने न केवल आवास की तलाशी ली, बल्कि परिवार के निवेश वाले दो निजी शैक्षणिक संस्थानों पर भी छापेमारी की। अधिकारियों का मानना है कि इस देरी ने आरोपी को अपनी अवैध संपत्ति के साक्ष्य मिटाने का पर्याप्त समय दे दिया होगा, जिसकी अब गहनता से फोरेंसिक जांच की जा रही है।