नूर खान एयरबेस को बनाया निशाना
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सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया
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हवाई हमलों के विरोध में की कार्रवाई
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दोबारा गलती पर और कड़ा जवाब
काबुल: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी सैन्य खबर सामने आई है। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई में रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है।
अफगान सरकार ने इसे पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में किए गए हवाई हमलों का सीधा जवाब बताया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान के भीतर अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं और केंद्रों को निशाना बनाकर प्रभावी हवाई हमले किए। इन हमलों में नूर खान एयरबेस, 12वीं ब्रिगेड बेस: क्वेटा, बलूचिस्तान, खोइजई कैंप: खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी तथा अन्य सैन्य ठिकाने जहाँ महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थित हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों से संबंधित ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस मई पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चर्चा में रहा था, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देते हुए वहां सटीक प्रहार किए थे।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य कार्रवाई काबुल, बगराम और अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना द्वारा पिछले दो दिनों में किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध स्वरूप की गई है। मंत्रालय ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया या पाकिस्तान की ओर से कोई उकसावे वाली कार्रवाई हुई, तो अफगानिस्तान इसका और भी मजबूती से जवाब देगा।
यह सीमा पार सैन्य प्रहार दोनों पड़ोसी देशों के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव में एक तीव्र और खतरनाक वृद्धि को दर्शाता है। अफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान की मुख्य सैन्य इकाइयों को निशाना बनाना दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति के लिए एक बड़ा संकेत है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।