मार्क कार्नी ने सम्मेलन में किया एलान
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को मुंबई में आयोजित कनाडा-भारत फोरम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि दोनों देश एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इस समझौते का मुख्य लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस समझौते पर इसी वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच संबंधों को एक नई दिशा देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, पिछले वर्ष मेरे चुनाव के तुरंत बाद, हमारी सरकार ने भारत के साथ संबंधों को नवीनीकृत करने का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया था, जिसके बाद सुरक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को फिर से सक्रिय किया गया।
हाल ही में जोहान्सबर्ग में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन में भारत और कनाडा ने ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी पर एक ऐतिहासिक साझेदारी की शुरुआत की है। उन्होंने कहा, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा: कनाडा ने स्वयं को एक खाद्य और ऊर्जा महाशक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है।
वे यूरेनियम की आपूर्ति से लेकर बड़े पैमाने पर परमाणु रिएक्टरों के निर्माण में भारत के विश्वसनीय दीर्घकालिक साझेदार बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। कनाडा भारत के विनिर्माण, स्वच्छ तकनीक और परमाणु उद्योगों के लिए धातुओं और खनिजों का रणनीतिक आपूर्तिकर्ता बनने के लिए तैयार है। भारत कनाडा के ग्रिड को 2040 तक स्वच्छ ऊर्जा से दोगुना करने में मदद कर सकता है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था और क्वांटम प्रौद्योगिकियों में भारत का नेतृत्व कनाडा के मिशन के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
प्रधानमंत्री कार्नी ने स्पष्ट किया कि कनाडा एक महत्वाकांक्षी राष्ट्र के रूप में भारत के साथ मिलकर एक अधिक लचीला, समृद्ध और न्यायपूर्ण भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह साझेदारी दोनों देशों के करोड़ों नागरिकों द्वारा रखी गई नींव पर टिकी है। यह आर्थिक गठबंधन न केवल व्यापारिक सीमाओं को बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों की संप्रभुता और जन-कल्याण के लिए भी नए विकल्प तैयार करेगा।