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अमेरिका से बात चीत अभी जारी हैः पीयूष गोयल

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदल गया माहौल

  • अदालत ने रोका है ट्रंप का फैसला

  • भारत अभी वेट एंड वाच की स्थिति में

  • सरकार निरंतर संवाद की स्थिति में कायम

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ पर दिए गए हालिया फैसले के बाद भारत प्रतीक्षा करो और देखो की नीति अपना रहा है। एक समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति अभी विकसित हो रही है और सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गोयल ने कहा कि भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के साथ निरंतर संवाद में है। उन्होंने कहा, यह एक बदलती हुई स्थिति है। हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। अमेरिका में प्रशासन के साथ हमारी बातचीत चल रही है और आंतरिक स्तर पर भी विचार-विमर्श जारी है। हम भारत के सर्वोत्तम हितों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे।

मंत्री ने उद्योग जगत और देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत बेहतर व्यापारिक अवसरों के लिए अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ की जा रही बातचीत का मुख्य उद्देश्य अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत को प्रतिस्पर्धी लाभ दिलाना और राष्ट्रीय हितों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के द्वार खोलना है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत की बातचीत की स्थिति बदल रही है, तो गोयल ने इसे तरल बताया। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प की हालिया टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन के पास कई तरह के उपकरण उपलब्ध हैं और विभिन्न स्तरों पर संवाद चल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका के साथ अंतिम रूप दिए गए संयुक्त बयान में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि परिस्थितियाँ बदलती हैं, तो समझौते को रीबैलेंस (पुनर्संतुलित) किया जाएगा।

टैरिफ दरों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का अर्थ ही तुलनात्मक लाभ है। यदि सभी के लिए दरें समान हों, तो किसी को विशेष लाभ नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि पहले 50 फीसद के टैरिफ के कारण भारत को निर्यात में भारी नुकसान हो रहा था, और अब इसे प्रतिस्पर्धियों से कम स्तर पर लाना भारत के लिए एक बड़ी जीत है। उन्होंने संकेत दिया कि समझौते में टैरिफ के अलावा भी कई सकारात्मक पहलू शामिल हैं, जिनका खुलासा डील फाइनल होने पर किया जाएगा।