Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दक्षिणी लेबनान को खाली करने से नेतन्याहू का इंकार राष्ट्रपति लूला तक अब बैंकिंग घोटाले की आंच पहुंची कांगो में इबोला संक्रमितों की संख्या 896 हुई युद्ध क्षेत्र में बच्चों के खिलाफ अत्याचार President Droupadi Murmu Birthday: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्मदिन; पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत... NEET Re-Exam Preparation: परीक्षा से पहले आज देशभर में NTA की 'मॉक ड्रिल'; जानें सुरक्षा और संचालन क... Karnataka Welfare Schemes: अब वोटर लिस्ट में नाम होने पर ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ; सीएम डीके ... Economic Crisis Allegations: महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना; RBI गवर्नर ने ... Maharashtra Politics: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे का शक्ति प्रदर्शन; राहुल गांधी और उद्धव गुट पर स... NEET UG Student Death: गाजियाबाद के प्रताप विहार में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की मौत; जांच में जु...

कोलकाता में भूकंप के झटके, नुकसान नहीं

बांग्लादेश सीमा की गहराई में था इस भूकंप का केंद्र

  • दोपहर करीब डेढ़ बजे महसूस हुआ

  • भूकंप की तीव्रता पर अलग राय

  • लोग कार्यालयो से बाहर निकले

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः आज दोपहर कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश बांग्लादेश में स्थित था। रिपोर्ट्स के अनुसार, झटके दोपहर करीब 1:22 बजे महसूस हुए, जिसके बाद पूरे शहर में अफरातफरी मच गई।

विभिन्न एजेंसियों द्वारा भूकंप की तीव्रता के अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश ने इसे 5.3 से 5.5 की तीव्रता के बीच बताया है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों, दफ्तरों और स्कूलों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर जमा हो गए। साल्ट लेक के आईटी हब और राज्य सचिवालय नबान्न जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में भी कर्मचारी बाहर निकल आए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने मोबाइल पर प्राप्त भूकंप अलर्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए और अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे पंखे और फर्नीचर हिलने लगे थे। एक वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान झटके महसूस होने पर अपना संबोधन बीच में ही रोकते हुए देखा गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोलकाता की भौगोलिक स्थिति, विशेष रूप से यहाँ की नरम जलोढ़ मिट्टी, भूकंपीय तरंगों के प्रभाव को बढ़ा देती है, जिससे कम तीव्रता का भूकंप भी शहर में अधिक महसूस होता है।

राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क हैं।