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नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी से नाराजगी

देश में ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं हैः पेमा खांडू

  • घटना पर पूर्वोत्तर में तीखी प्रतिक्रिया

  • पीएम और शाह से कार्रवाई की मांग

  • गौरव गोगोई मैत्री समूह के अध्यक्ष

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों के साथ उनके पड़ोसियों द्वारा की गई नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणी का मामला अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है। इस घटना ने एक बार फिर महानगरों में पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा और उनके प्रति व्याप्त पूर्वाग्रहों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना 20 फरवरी की है, जब मालवीय नगर के एक फ्लैट में मरम्मत कार्य के दौरान हुए मामूली विवाद ने नस्लीय दुर्व्यवहार का रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने इसकी तीखी निंदा की है। नेताओं ने इसे देश की गरिमा पर हमला बताते हुए दिल्ली पुलिस से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटना को बेहद शर्मनाक करार देते हुए बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात कर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर के भाई-बहनों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, विपक्षी नेता गौरव गोगोई ने भी इस मामले में जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है। मेघालय के सीएम संगमा ने गोरखपुर एआईएमएस में नागालैंड की एक डॉक्टर के साथ हुए उत्पीड़न का भी जिक्र किया, जो दर्शाता है कि ऐसी घटनाएं केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं।

इसी बीच, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई को ‘भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह’ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित इस समूह का उद्देश्य दोनों देशों के बीच विधायी संवाद, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

संसदीय मैत्री समूह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्ट डिप्लोमेसी के एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करते हैं। गोगोई की अध्यक्षता में यह समूह फिलीपींस के साथ भारत के रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करने का काम करेगा, विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के संदर्भ में।