Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Low Budget Home Decor Ideas: घर को बनाएं एस्थेटिक और स्टाइलिश; कम बजट में अपनाएं ये शानदार तरीके Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा सब-वे; शिवाजी स्टेडियम से राजीव चौक की दूरी होगी आसा... Bihar Politics: निशांत कुमार सिर्फ 12वीं पास? चुनावी हलफनामे से हुआ बड़ा खुलासा, इंजीनियरिंग की डिग्र... Baghpat Triple Murder: बड़ौत बस स्टैंड फायरिंग में अब 3 मौतें; हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने भी दम तोड़... Mumbai Birth Certificate Row: फर्जीवाड़े पर सरकार सख्त; 19,734 जन्म प्रमाणपत्रों में किए गए बदलाव रद्... Dumka Land Dispute: दुमका बंदोबस्त कार्यालय में बवाल; एएसओ को कार्यालय से खींचकर ले गई आक्रोशित भीड़ Baramulla Accident: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीद; महाराष्ट्र ... Shahjahanpur Crime News: 1 साल की मासूम के साथ दरिंदगी; रिश्ते के चाचा ने बनाया हवस का शिकार, एनकाउं... IRCTC Alert: फर्जी ई-कैटरिंग वेबसाइटों पर रेलवे की बड़ी कार्रवाई; जानें सुरक्षित खाना कैसे बुक करें Patna Coaching Dispute: खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट से राहत, रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज

दुनिया में डेटा की सुरक्षा पर नई तकनीक विकसित हुई

प्रोजेक्ट सिलिका और भविष्य का डिजिटल संरक्षण

  • क्या है यह नया प्रोजेक्ट सिलिका?

  • लेजर के जरिए थ्री डी में डेटा

  • 10,000 साल तक सुरक्षित रहेगा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः डिजिटल युग में हम हर दिन अरबों गीगाबाइट डेटा उत्पन्न कर रहे हैं। क्लाउड स्टोरेज से लेकर सोशल मीडिया तक, हमारी यादें और महत्वपूर्ण दस्तावेज सर्वरों पर निर्भर हैं। लेकिन वर्तमान स्टोरेज माध्यम जैसे हार्ड ड्राइव, मैग्नेटिक टेप और ऑप्टिकल डिस्क की एक सीमित उम्र होती है। आमतौर पर ये 5 से 20 साल में खराब होने लगते हैं। इसी समस्या के समाधान के रूप में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च की टीम प्रोजेक्ट सिलिका लेकर आई है, जो डेटा स्टोरेज की दुनिया में किसी चमत्कार से कम नहीं है।

देखें इससे संबंधित वीडियो

प्रोजेक्ट सिलिका एक ऐसी तकनीक है जिसमें क्विर्ट्ज़ ग्लास के छोटे और पारदर्शी टुकड़ों पर डेटा को स्टोर किया जाता है। यह कोई सामान्य कांच नहीं है, बल्कि अत्यधिक टिकाऊ पदार्थ है। इस तकनीक में फेम्टोसेकंड लेजर का उपयोग किया जाता है। यह लेजर कांच के भीतर सूक्ष्म संरचनाएं बनाता है जिन्हें वोक्सेल  कहा जाता है। ये वोक्सेल केवल कांच की सतह पर नहीं, बल्कि उसके अंदर गहराई में तीन आयामी (3डी) रूप में डेटा को सुरक्षित करते हैं।

इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अविश्वसनीय उम्र है। शोधकर्ताओं का दावा है कि कांच पर लिखा गया यह डेटा 10,000 साल से भी अधिक समय तक सुरक्षित रह सकता है। यह कांच न केवल पानी और उच्च तापमान को झेल सकता है, बल्कि यह चुंबकीय क्षेत्रों से भी अप्रभावित रहता है। यदि कांच पर खरोंच भी आ जाए, तो भी इसके भीतर का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है क्योंकि लेजर ने इसे कांच की आंतरिक परतों में उकेरा होता है।

कांच पर लिखे गए इस डेटा को पढ़ने के लिए कंप्यूटर विजन एल्गोरिदम और ध्रुवीकृत प्रकाश का उपयोग किया जाता है। जब प्रकाश कांच के टुकड़ों से गुजरता है, तो माइक्रोस्कोपिक स्तर पर बने वोक्सेल उस प्रकाश को विशेष तरीके से मोड़ते हैं, जिसे कंप्यूटर तुरंत डिकोड कर लेता है।

प्रोजेक्ट सिलिका को कोल्ड डेटा यानी ऐसे डेटा के लिए डिजाइन किया गया है जिसे बार-बार एक्सेस करने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन जिसे सदियों तक सहेज कर रखना अनिवार्य है (जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज, चिकित्सा रिकॉर्ड या सांस्कृतिक धरोहर)। यह तकनीक न केवल जगह बचाती है, बल्कि डेटा सेंटर को ठंडा रखने में खर्च होने वाली भारी बिजली की भी बचत करती है, क्योंकि कांच को सुरक्षित रखने के लिए किसी विशेष तापमान या एयर कंडीशनिंग की जरूरत नहीं होती।

#प्रोजेक्टसिलिका #ProjectSilica #विज्ञानसमाचार #FutureTech #डेटास्टोरेज #DataStorage #तकनीकीक्रांति #MicrosoftResearch #डिजिटलसंरक्षण #TechInnovation