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चंद्रमा आकार में अभी भी सिकुड़ता जा रहा है, देखें वीडियो

वहां पर बढ़ रहा चंद्र कंपनों का खतरा

  • पृथ्वी बनाम चंद्रमा: विवर्तनिक अंतर

  • संभावित स्रोतों का भी पता लगाया है

  • पृथ्वी से वहां की स्थिति अलग है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पहली बार स्मॉल मेयर रिजेस का एक वैश्विक मानचित्र और विस्तृत अध्ययन तैयार किया है। ये सूक्ष्म भूगर्भीय आकृतियाँ चंद्रमा पर होने वाली विवर्तनिक गतिविधियों का संकेत देती हैं। द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम के सेंटर फॉर अर्थ एंड प्लैनेटरी स्टडीज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है।

वैज्ञानिकों ने पहली बार यह प्रदर्शित किया है कि ये रिजेस (लकीरें या उभार) तुलनात्मक रूप से युवा हैं और चंद्रमा के मारिया (धरती से दिखने वाले विशाल काले मैदान) में व्यापक रूप से फैले हुए हैं। टीम ने यह भी पहचान की है कि ये उभार कैसे बनते हैं, जिससे भविष्य के चंद्र मिशनों के लैंडिंग स्थलों के लिए मूनक्वेक के नए संभावित स्रोतों का पता चला है।

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पृथ्वी और चंद्रमा दोनों ही विवर्तनिक बलों का अनुभव करते हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली अलग है। पृथ्वी की ऊपरी परत गतिशील प्लेटों में विभाजित है जो आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे से दूर जाती हैं, जिससे पर्वत और ज्वालामुखी बनते हैं। इसके विपरीत, चंद्रमा पर प्लेट टेक्टोनिक्स नहीं है। यहाँ इसके एकल, निरंतर क्रस्ट के भीतर ही तनाव पैदा होता है। जब यह क्रस्ट सिकुड़ता है, तो लोबेट स्कार्प्स  जैसी आकृतियाँ बनती हैं, जो पिछले एक अरब वर्षों के भीतर बनी हैं।

साल 2010 में वैज्ञानिक टॉम वाटर्स ने सबूत खोजे थे कि चंद्रमा धीरे-धीरे सिकुड़ रहा है। जैसे-जैसे चंद्रमा का आंतरिक भाग ठंडा होता है, इसकी सतह संकुचित होती जाती है। स्मॉल मेयर रिजेस भी इसी संकुचन बल का परिणाम हैं। अंतर केवल स्थान का है—लोबेट स्कार्प्स ऊंचे इलाकों में मिलते हैं, जबकि केवल मारिया (मैदानी इलाकों) में पाए जाते हैं।

अनुसंधान टीम ने मारिया क्षेत्रों में 1,114 नए एसएमआर खंडों की पहचान की है, जिससे अब ज्ञात एसएमआर की कुल संख्या 2,634 हो गई है। विश्लेषण के अनुसार, एक औसत एसएमआर लगभग 12.4 करोड़ वर्ष पुराना है, जो इन्हें चंद्रमा की सबसे युवा भूगर्भीय संरचनाओं में से एक बनाता है।

चूँकि एसएमआर उसी प्रकार के फॉल्ट (दरार) से बनते हैं जिनसे लोबेट स्कार्प्स बनते हैं, इसलिए जहाँ भी ये रिजेस मौजूद हैं, वहाँ मूनक्वेक आने की संभावना है। यह खोज भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों और आर्टेमिस जैसे मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है। चंद्रमा की विवर्तनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझने से भविष्य के चंद्र आधारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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