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सीआरपीएफ ने ऊंचे इलाकों में अस्थायी चौकी बनाये

जम्मू कश्मीर के पहाड़ों पर भी विदेशी घुसपैठ की नजरदारी

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकवादियों की घुसपैठ और उनकी बदलती रणनीतियों से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने एक नई और आक्रामक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सुरक्षा बलों ने घाटी के ऊंचे इलाकों, विशेषकर 6,000 फीट तक की ऊंचाई पर अपने अस्थायी परिचालन आधार स्थापित किए हैं। इस नई रणनीति का मुख्य उद्देश्य उन विदेशी आतंकवादियों को खोजना और समाप्त करना है, जो सुरक्षा बलों के दबाव के कारण मैदानी इलाकों को छोड़कर पहाड़ियों की ऊंचाइयों और दुर्गम जंगलों में शरण ले रहे हैं।

अब तक कुल 43 अस्थायी आधार बनाए गए हैं, जिनमें से 26 कश्मीर घाटी में और 17 जम्मू क्षेत्र में स्थित हैं। ये आधार मुख्य रूप से 3,000 से 6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, हालांकि कुछ टीमें 8,900 फीट तक की ऊंचाई पर भी ऑपरेशन चला रही हैं। प्रत्येक अस्थायी बेस में लगभग 15 से 25 जवान तैनात होते हैं। ये दल कुछ दिनों तक इन ऊंचाइयों पर रुककर खोज और हमला ऑपरेशन चलाते हैं। दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में टिके रहने के लिए जवानों को टैक्टिकल बूट्स, विंटर जैकेट, स्लीपिंग बैग और सैटेलाइट फोन जैसे आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है।

आतंकवादी अक्सर इन ऊंचाइयों पर बने मिट्टी और पत्थरों के घरों, जिन्हें स्थानीय भाषा में ढोक कहा जाता है, का उपयोग छिपने के लिए करते हैं। सुरक्षा बल अब सीधे इन्हीं ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। यह रणनीति विशेष रूप से अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तेज की गई है। इसी तरह के एक अस्थायी बेस का उपयोग करके सुरक्षा बलों ने जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के तहत उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लगभग 100 विदेशी आतंकवादी सक्रिय हैं, जिन्हें खत्म करने के लिए यह हाई-अल्टीट्यूड ग्रिड बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।