झारखंड भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा: 15 सितंबर की सुनवाई पर छात्रों की नजर, मांगें न मानीं तो चक्का जाम की चेतावनी
हजारीबाग (झारखंड): छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो और उनकी टीम द्वारा शुरू की गई ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का पड़ाव हजारीबाग पहुंचा। रात्रि विश्राम हजारीबाग में करने के बाद छात्र नेताओं ने राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर किए गए वादों को तत्काल पूरा करने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा पूरी तरह छात्रों के भविष्य और रोजगार व्यवस्था में सुधार से जुड़ी है, इसलिए इसका राजनीतिकरण करने से बचा जाना चाहिए।
🚶♂️ 24 अगस्त से शुरू हुई यात्रा, हजारीबाग से चतरा के लिए रवाना
यात्रा मार्ग और रूपरेखा का विवरण:
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यात्रा की शुरुआत: भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव से हुआ था।
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अगला पड़ाव: हजारीबाग में रात्रि विश्राम के उपरांत यह यात्रा चतरा जिले के लिए रवाना हो गई।
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जनसभा का आयोजन: देर शाम हजारीबाग के ऐतिहासिक गांधी मैदान में छात्रों और स्थानीय लोगों की एक विशेष सभा का आयोजन निर्धारित किया गया है।
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पारदर्शिता की मांग: छात्र नेताओं ने जोर देकर कहा कि यदि राजनीति करनी ही है, तो राज्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और व्यवस्था सुधार लाने को लेकर की जानी चाहिए।
👥 छात्रों के साथ अब अभिभावक भी जुड़ेंगे: देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन का विस्तार और न्यायिक प्रक्रिया पर रुख:
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अभिभावकों को जोड़ने की मुहिम: देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों द्वारा शुरू किया गया है, लेकिन अब गांव-गांव जाकर उनके अभिभावकों को भी इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है ताकि जनदबाव बनाया जा सके।
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अदालती आदेशों का सम्मान: उन्होंने कहा कि छात्र समाज न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले का पूरा सम्मान करता है, किंतु सरकार को भी अपने स्तर पर किए गए नीतिगत वादों को ईमानदारी से निभाना होगा।
⚖️ 15 सितंबर की सुनवाई पर नजर, मांगें पूरी न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
छात्र प्रतिनिधियों का कड़ा संदेश:
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मजबूत पैरवी की मांग: हजारीबाग निवासी राजेश प्रसाद सहित अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य सरकार को शीर्ष वकीलों के माध्यम से न्यायालय में छात्रों का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।
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चक्का जाम की चेतावनी: छात्रों ने साफ किया कि यदि सरकार ने युवाओं के हितों की अनदेखी की या वादाखिलाफी की, तो पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
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15 सितंबर की तारीख अहम: छात्र नेताओं की निगाहें आगामी 15 सितंबर को होने वाली न्यायिक सुनवाई पर टिकी हैं। यदि छात्रों के पक्ष में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को राज्यव्यापी रूप देकर और तेज किया जाएगा।