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Shivpal Yadav on Brajesh Pathak: ‘चोटी विवाद’ पर डिप्टी सीएम को घेरा, बोले- पाप के भागी आप भी होंगे

उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और शासन के बीच हुए विवाद का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. विवाद को दौरान बटुकों की चोटी खींचे जाने को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने महापाप बताया है. अब सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने ब्रजेश पाठक पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि अगर ब्रजेश पाठक को इतना ही दुख है तो अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी उसी पार्टी का हिस्सा हैं. साथ ही मंत्रिमंडल में भी हैं. जिस पार्टी ने बटुको की चोटी खींची है. खुद ब्रजेश पाठक ने कहा कि बटुकों की चोटी खींचना पाप है. पाप तो उन्हें भी लगेगा क्योंकि वे उसी मंत्रिमंडल के सदस्य हैं और अपमान तो वहीं से हुआ है. इससे पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल चुके हैं. अखिलेश ने कई बार सीएम योगी पर निशाना साधा है.

डिप्टी सीएम ब्रजेश ने क्या कहा था?

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान शंकराचार्य और शासन के बीच विवाद पर बयान दिया है. उन्होंने इस घटना को गलत बताया है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि बटुकों के साथ हुई घटना बेहद निदंनीय है. उन्होंने कहा कि बटुकों की चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी. ये तो महापाप है. जिन लोगों ने चोटी को छुआ है उन्हें पाप लगेगा. कई सालों बाद भी बहुत पाप पड़ेगा. सब खाता बही में लिखा जा रहा है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

डिप्टी CM केशव मौर्य ने भी घटना को बताया था गलत

शंकराचार्य को लेकर सबसे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया आई थी. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए खुद आगे आकर शंकराचार्य से माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि प्रयागराज प्रशासन से गलती हुई है, शंकराचार्य से वे खुद माफी मांगते हैं. साथ ही उन्होंने घटनाक्रम से संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही थी. इसके बाद सत्ता पक्ष के कई अन्य नेताओं ने भी शंकराचार्य और बटुकों के साथ किए गए व्यवहार को गलत बताया था.

CM योगी और शंकराचार्य आमने-सामने

इस पूरे मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है. सीएम ने बिना नाम लिए कई बार शंकराचार्य पर निशाना साध चुके हैं. बजट सत्र की चर्चा के दौरान भी उन्होंने शंकराचार्य पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. जबकि शंकराचार्य कई मौकों पर सीएम योगी पर सीधे निशाना साध चुके हैं. शंकराचार्य ने हाल ही में योगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए थे. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में योगी और शंकराचार्य के बीच जुबानी जंग और तेज हो सकती है.