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अब इंजेक्शन से शरीर में पहुंचेगी ऑक्सीजन

चिकित्सा विज्ञान में नया चमत्कार लोगों की जान बचायेगा

  • फेफड़े फेल होने पर भी बचेगा जीवन

  • कैसे काम करती है यह तकनीक?

  • आपातकालीन चिकित्सा में नई उम्मीद

राष्ट्रीय खबर

रांचीः चिकित्सा जगत में एक ऐसी क्रांतिकारी खोज हुई है जो भविष्य में जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को बदल सकती है। वैज्ञानिकों ने इंजेक्टेबल ऑक्सीजन माइक्रोबबल्स विकसित किए हैं, जो फेफड़ों के काम न करने की स्थिति में सीधे रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर को ऑक्सीजन प्रदान करने में सक्षम हैं। यह तकनीक उन आपातकालीन स्थितियों में वरदान साबित होगी जहाँ मरीज सांस लेने में असमर्थ होता है।

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ये सूक्ष्म कण हैं, जिनका आकार मानव बाल की चौड़ाई से भी कई गुना छोटा होता है। ये माइक्रोबबल्स शुद्ध ऑक्सीजन की एक छोटी मात्रा को लिपिड (वसा) की एक सुरक्षात्मक परत के भीतर कैद करके बनाए जाते हैं। जब इन बबल्स को मरीज की नसों में इंजेक्शन के जरिए डाला जाता है, तो ये सीधे रक्त की लाल कोशिकाओं के संपर्क में आते हैं और तुरंत ऑक्सीजन छोड़ देते हैं।

सामान्यतः हमारे फेफड़े हवा से ऑक्सीजन लेते हैं और उसे रक्त में मिलाते हैं। लेकिन अस्थमा अटैक, डूबने, या फेफड़ों के गंभीर संक्रमण के मामलों में यह प्रक्रिया रुक जाती है। ऐसी स्थिति में, मस्तिष्क और हृदय को ऑक्सीजन न मिलने पर चंद मिनटों में मौत हो सकती है।

वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह तरल पदार्थ एक अस्थायी फेफड़े की तरह काम करता है। इंजेक्शन लगने के कुछ ही सेकंड के भीतर, रक्त में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य हो जाता है। परीक्षणों में देखा गया है कि यह तकनीक फेफड़ों के पूरी तरह बंद होने के बावजूद शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को 15 से 30 मिनट तक जीवित रख सकती है। यह समय डॉक्टरों के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर रखने या मुख्य उपचार शुरू करने के लिए पर्याप्त होता है।

इस खोज का सबसे बड़ा लाभ एम्बुलेंस और युद्ध क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। अक्सर अस्पताल पहुँचने से पहले ही मरीज ऑक्सीजन की कमी के कारण दम तोड़ देते हैं। अब, चिकित्सा कर्मी केवल एक इंजेक्शन की मदद से मरीज की जान बचा सकेंगे। यह तकनीक पारंपरिक हृदय-फेफड़े बाईपास मशीनों की तुलना में कहीं अधिक पोर्टेबल और त्वरित है। हालांकि अभी इसके व्यापक मानवीय परीक्षण जारी हैं, लेकिन प्रारंभिक परिणाम चिकित्सा इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं।

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