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Tiger-Leopard Death Toll: खेतों में बिछे ‘मौत के तार’, करंट लगने से गई जान, 10 साल के आंकड़ों ने चौंकाया

भोपाल : मध्य प्रदेश में वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में खेती करने वाले किसान ही वन्यजीवों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. पिछले 10 सालों में किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए करंट के तार से 341 वन्य जीवों की मौत हुई. इसमें 28 बाघ हैं. विधानसभा में यह जानकारी सरकार ने एक सवाल के जवाब में दी.

कांग्रेस विधायक अजय सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया “ऐसे मामलों में पुलिस ने 420 किसानों के खिलाफ मुकादमा तो दर्ज हुए, लेकिन दंडित सिर्फ 10 को ही किया जा सका.”

10 साल में करंट से 28 बाघों की मौत

कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पिछले 10 सालों में खेतों में करंट लगाकर बाघ, तेंदए और भालू सहित अन्य वन्य जीवों की मौत को लेकर सवाल पूछा. उन्होंने पूछा “पिछले 10 सालों में कितने वन्य प्राणियों की मौत हुई और कितने किसानों पर मामले दर्ज किए गए.” जवाब में सरकार ने बताया “प्रदेश में बीते 10 सालों में 341 वन्य जीवों की करंट से मौत हुई. इन वन्य जीवों में बाधों की संख्या 28 है. इसके अलावा करंट के तार की चपेट में आने से 36 तेंदुए, 23 भालुओं के अलावा चीतल, जंगली सुअर, सांभर, नीलगाय, हाथी और तोता भी मारे गए.”

शहडोल में सबसे ज्यादा मारे गए वन्यजी

जवाब में सरकार ने बताया “शहडोल रेंज में पिछले 10 सालों में 91 वन्य जीवों को करंट लगाकर मारा गया. इसमें 11 बाघ, 6 तेंदुए और 13 भालू के अलावा एक हाथी की भी करंट से मौत हुई. इसके अलावा 24 जंगली सुअर, 1 सांभर, 6 नीलगाय, 3 सियार और 22 तोता को भी करंट से मारा गया. इन मामलों में 162 लोगों को आरोपी बनाया गया. हालांकि सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं.

वन्यजीवों से फसल नष्ट होने पर मुआवजा नहीं

कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने कहा “दूसरे राज्यों में वन्य जीवों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने पर 10 फीसदी पर भी मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है, प्रदेश में इसे लागू किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को करंट लगाए जाने से रोका जा सके.”

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा लिखित जवाब में बताया गया “वन्यजीवों द्वारा 25 फीसदी या अधिक फसल नुकसान किए जाने पर मुआवजा राजस्व विभाग द्वारा दिया जाता है. वन्य जीवों द्वारा 10 फीसदी से ज्यादा फसल हानि पर मुआवजा देने और उसके अधिकार वन विभाग को दिए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है ताकि बिजली करंट से वन्य जीवों की मौतों को रोका जा सके.