Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: CCTV में कैद हुआ आरोपियों का 'प्लान', 40 दिन में की 70 बार चोरी राज नगर एक्सटेंशन में मौत का रहस्य: पार्टी के दौरान बालकनी से गिरा युवक, पुलिस ने दोस्तों को लिया हि... मुरादाबाद में बड़ा साइबर फ्रॉड गिरोह गिरफ्तार: 'ऑपरेशन Cy-वज्र' के तहत पुलिस ने किया बड़ा खुलासा गाजियाबाद हैवानियत: मासूम बच्ची के मर्डर केस में बड़ा खुलासा, आवारा कुत्ते ने ढूंढ निकाला शव Moradabad Stunt Video: बारिश में चलती स्कूटी पर खड़ा होकर डांस, पुलिस कर रही वाहन नंबर से पहचान छतरपुर हत्याकांड: जंगल में मिला युवक का शव, गला घोंटकर की गई हत्या; पत्नी पर साजिश का आरोप रूस ने मिसाइल दागे तो यूक्रेन का ड्रोन हमला Girija Raut Case: बहू ने विनायक राउत के परिवार पर लगाए सनसनीखेज आरोप, तांत्रिक फिरोज शेख गिरफ्तार ताइवान में हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर सात अक्टूबर के अपराधियों को याद रखा है इजरायल ने

Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और जुर्माना

नूंह : जिला नूंह की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2023 दुष्कर्म प्रकरण में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी राजू निवासी फिरोजपुर झिरका जिला नूंह को दोषी करार दिया है। दोषी को 7 वर्ष कैद और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पृथ्वी सिंह डीएसपी जिला हेडक्वार्टर ने बताया कि यह मामला 17 अगस्त 2023 का है। शिकायत के आधार पर 18 अगस्त 2023 को थाना फिरोजपुर झिरका पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नाबालिग पीड़िता के साथ खेतों में जबरन दुष्कर्म किया गया।

घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। जुटाए गए सबूतो के आधार पर अदालत में मजबूती से पुलिस ने चालान अदालत में प्रस्तुत किया।

 सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, चिकित्सकीय रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि विचाराधीन अवधि के दौरान आरोपी द्वारा जेल में बिताया गया समय सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।

अपने फैसले में न्यायालय ने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध अपराध समाज में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न करते हैं। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि समाज में कानून का सम्मान बना रहे और भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।