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किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीः पीयूष गोयल

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर फिर दी सफाई

  • भारत के हितों का पूरा ध्यान रखा है

  • कांग्रेस के चंद लोग निंदा कर रहे हैं

  • श्रम प्रधान स्वदेशी हित सर्वोपरि है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका से ऊर्जा सहित 500 अरब डॉलर के महत्वपूर्ण सामान खरीदने का भारत का इरादा इन उत्पादों के स्रोतों में विविधता लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये कदम भारत की विकास गाथा के चालक बनेंगे, क्योंकि देश 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। विपक्ष द्वारा विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर समझौते की आलोचना किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समझौता अत्यंत निष्पक्ष और संतुलित है। वास्तव में, इसमें आलोचना की कोई गुंजाइश नहीं है। यह भारत के सभी संवेदनशील हितों की रक्षा करता है और हमारे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है। यह उस तकनीक के द्वार खोलता है जिसकी भारत को एक महाशक्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने के लिए आवश्यकता है, साथ ही इसके लिए आवश्यक निवेश का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इससे वस्तुओं और सेवाओं, दोनों के निर्यात को बड़ी गति मिलेगी।

मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया की व्यापक निगरानी की है और उनके पास डेटा है जो इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहली किस्त के प्रति भारी जनसमर्थन को दर्शाता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस से जुड़ा एक छोटा सा इकोसिस्टम है, जिनमें से कई संभवतः भारत के बाहर से हैं, जिनका काम केवल विरोध करना है। उन्होंने अब तक कोई ठोस मुद्दा नहीं उठाया है।

अधिक देने और कम पाने के आरोपों पर गोयल ने स्पष्ट किया कि सभी व्यापार समझौते न्यायसंगत होते हैं और दोनों पक्षों के लिए बराबर की स्थिति होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हम राष्ट्रीय और जनहित के प्रति पूरी तरह सजग हैं। हमने भारतीय बाजार को बहुत नपे-तुले तरीके से खोला है, जिसमें हमारा ध्यान भारत में रोजगार सृजन और अपने हितों के क्षेत्रों पर रहा है, जबकि संवेदनशीलताओं की पूरी सुरक्षा की गई है। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूँ कि इस समझौते में दोष निकालने की कोई गुंजाइश नहीं है।