बजट में हुए भेदभाव का हवाला देकर मुख्यमंत्री ने मंच से कहा
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विरुधुनगर जिले के करियापट्टी में आयोजित द्रमुक युवा विंग के विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने हालिया केंद्रीय बजट का हवाला देते हुए कहा कि जब तमिलनाडु ने आपदा प्रबंधन, मेट्रो रेल विस्तार, पेयजल योजनाओं और रेलवे परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की मांग की थी, तब केंद्र ने राज्य को शून्य दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मदुरै एम्स का निर्माण, होसुर में नए हवाई अड्डे की अनुमति और नीट से छूट जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। स्टालिन ने आह्वान किया कि जिस तरह केंद्र ने बजट में तमिलनाडु को शून्य दिया है, उसी तरह राज्य की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए का खाता भी शून्य पर ही समेट देगी।
स्टालिन ने अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि तमिलनाडु आज शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में देश का नंबर वन राज्य है। उन्होंने केंद्रीय रैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की प्रगति अद्वितीय है, इसके बावजूद केंद्र सरकार करों के बंटवारे में तमिलनाडु के साथ न्याय नहीं कर रही है। उन्होंने केंद्र से 50 फीसद कर वापसी और परिसीमन के दौरान लोकसभा सीटों की संख्या न घटाने का भी वादा मांगा।
मुख्यमंत्री ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पलानीस्वामी खुद को राज्य में एनडीए का मुखिया बताते हैं, लेकिन असल में उन्होंने अपनी पार्टी को भाजपा की एक शाखा बना दिया है। स्टालिन ने विकसित भारत-जी राम जी जैसी नई योजनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के पुराने बकाया तक का भुगतान नहीं कर पा रही है, तो नई योजनाओं का लाभ कैसे देगी?
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 40-0 की जीत के बाद अब द्रमुक का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें जीतना है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, विशेषकर युवा विंग को ब्रांड एंबेसडर की तरह घर-घर जाकर सरकार की जनहितकारी योजनाओं का प्रचार करने का निर्देश दिया।