राज्यसभा में मोदी के भाषण पर भी राजनीतिक बहस
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे वाकयुद्ध का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री के 100 मिनट के भाषण और उस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जवाबी प्रतिक्रिया ने देश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस के पिछले एक दशक के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार का एक बड़ा हिस्सा पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारने में बीता है। गांधी परिवार पर सीधा निशाना साधते हुए पीएम ने आरोप लगाया कि उन्होंने महात्मा गांधी के सरनेम को चुराया है। उन्होंने इसे एक पारिवारिक पेशा करार दिया। कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पार्टी अपने घर का स्टार्टअप नहीं उठा सकती, वह देश में स्टार्टअप संस्कृति को क्या बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि कुछ ही सवालों से इतनी घबराहट? मोदी जी सच से इतना डर गए कि उन्होंने झूठ की शरण ले ली। राहुल ने प्रधानमंत्री के दावों को उनकी घबराहट का परिणाम बताया। जब प्रधानमंत्री ने बोलना शुरू किया, तब विपक्ष ने तानाशाही नहीं चलेगी और नेता प्रतिपक्ष को बोलने दो के नारों के साथ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने कुछ ही देर बाद सदन से वॉकआउट कर दिया।
पीएम मोदी ने राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहे जाने वाले वाकये को सिख समुदाय के अपमान से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल का अहंकार चरम पर है और उन्होंने बिट्टू को केवल इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे एक सिख हैं। बता दें कि बुधवार को संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसमें गद्दार और देश के दुश्मन जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया था।