अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अब भी पूरी तरह सतर्क भारतीय सेना
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन के भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुक्रवार शाम को हुई इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को विफल किया जा सके।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ड्रोन को शुक्रवार शाम करीब 7:40 बजे रामगढ़ सेक्टर के रतनपुर गांव के ऊपर मंडराते हुए देखा गया। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के कुछ ही मिनटों बाद, ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने ड्रोन की हरकत को देखते ही तुरंत स्थिति का जायजा लिया।
यह घुसपैठ सांबा के संवेदनशील इलाकों में हुई है, जहाँ पहले भी सीमा पार से तस्करी की कोशिशें होती रही हैं। ड्रोन के वापस जाने के तुरंत बाद, केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस और सुरक्षा बलों ने रतनपुर और उसके आसपास के गांवों में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
इस सर्च ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या ड्रोन के जरिए हथियारों, विस्फोटकों (IED) या नशीले पदार्थों की कोई खेप गिराई गई है। हालांकि अब तक की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी जोखिम से बचने के लिए चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रहे हैं। सीमावर्ती गांवों के निवासियों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है।
पिछले कुछ वर्षों में, पाकिस्तान स्थित चरमपंथी समूहों और हैंडलर्स द्वारा भारतीय सीमा में अवैध सामग्री भेजने के लिए ड्रोन का उपयोग एक बड़ी चुनौती बन गया है। सांबा, कठुआ और जम्मू के सीमावर्ती इलाकों में पहले भी ड्रोन के जरिए अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन गिराए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इन मानवरहित हवाई वाहनों को निष्क्रिय करने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग कर रही हैं।