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सबरीमाला जांच मोदी की गारंटी: नरेंद्र मोदी

तिरुअनंतपुरम में विशाल जनसभा को संबोधित किया

  • एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ही नकारा है

  • इस बार केरल की स्थिति बदलने वाली  है

  • केरल को भ्रष्टाचार से भाजपा बचायेगी

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के वामपंथी पारिस्थितिकी तंत्र पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि केरल में अब बदलाव अपरिहार्य है और इसे कोई रोक नहीं सकता। प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को आड़े हाथों लिया और तिरुवनंतपुरम के हालिया निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि भाजपा राज्य में भ्रष्टाचार के इस खेल को पूरी तरह समाप्त कर देगी।

प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, आने वाले चुनाव केरल की स्थिति और दिशा दोनों को बदलने वाले साबित होंगे। अब तक आपने केरल में केवल दो पक्ष देखे हैं—एलडीएफ और यूडीएफ। इन दोनों ने बारी-बारी से केरल के भविष्य और इसकी विरासत को नष्ट करने का काम किया है। लेकिन अब एक तीसरा पक्ष भी उभर चुका है, और वह पक्ष विकास और सुशासन का है। वह पक्ष भारतीय जनता पार्टी का है। उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर भ्रष्टाचार, कुशासन और तुष्टीकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।

केरल की राजनीतिक संरचना का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ दो प्रमुख गठबंधन रहे हैं, लेकिन अब जमीनी स्तर पर भाजपा की बढ़ती ताकत के कारण जनता के पास एक सशक्त विकल्प मौजूद है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, एलडीएफ और यूडीएफ के झंडे अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका एजेंडा बिल्कुल एक जैसा है।

उनका एजेंडा है—पूर्ण भ्रष्टाचार और शून्य जवाबदेही। पूर्ण सांप्रदायिकता और शून्य जिम्मेदारी। वे जानते हैं कि पांच या दस साल बाद वे फिर से सत्ता में लौट आएंगे, इसलिए सरकारें बदलती हैं लेकिन व्यवस्था जस की तस बनी रहती है। अब समय आ गया है कि आप एक जन-केंद्रित और विकास-समर्थक सरकार चुनें, और भाजपा व एनडीए यही करने का संकल्प लेकर आए हैं।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केरल की आकांक्षाएं अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं और राज्य के लोगों का भाजपा पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने एलडीएफ सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मंदिर की परंपराओं को कमजोर कर रही है।

उन्होंने घोषणा की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना मोदी की गारंटी है। कांग्रेस पर केरल के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब एनडीए सत्ता में आएगी, तो राज्य को डबल इंजन सरकार का लाभ मिलेगा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, कांग्रेस माओवादियों से अधिक कम्युनिस्ट और मुस्लिम लीग से अधिक सांप्रदायिक हो गई है। हमें इस पवित्र भूमि को उनसे बचाना होगा।