Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bijnor Crime News: बिजनौर में बीजेपी नेता सुरेश भगत पर केस दर्ज; पुलिस के सामने घर में घुसकर पीटा, ग... Karnal Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले करनाल में बवाल; VIP पास को लेकर मारप... Indore Weather Update: इंदौर में गर्मी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा! सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जानें मौसम... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक आज से; केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ... Indore Dog Bite Cases: इंदौर में नसबंदी के दावों के बीच श्वानों का आतंक; 1 साल में 60 हजार से ज्यादा... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल तोड़फोड़ मामले में नया मोड़, छात्रों ने वीडियो जारी कर मांगी माफी; ख... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल गांजा पार्टी मामले में DAVV का बड़ा एक्शन; 3 छात्र सस्पेंड, 1 का एडम... MP New Transfer Policy: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों से हटेगी रोक! आज मोहन यादव कैबिनेट बै... Khandwa Congress Leader Honeytrap: लोन ऐप के जरिए मोबाइल में की एंट्री; कांग्रेस नेता के फोटो एआई से... Chhatarpur News: छतरपुर में 'लुटेरी दुल्हन' का कारनामा; ₹1.5 लाख लेकर दलालों ने कराई शादी, 4 दिन बाद...

बांग्लादेश से राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाया

पड़ोसी देश के साथ कूटनीतिक संबंध अब और बिगड़े

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनावों और जनमत संग्रह से पहले, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को जानकारी दी कि मौजूदा अस्थिर सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और अन्य मिशनों में तैनात सभी राजनयिकों और अधिकारियों के परिवार के सदस्यों तथा आश्रितों को वापस बुला लिया है।

सूत्रों के अनुसार, परिवार के सदस्यों की यह निकासी पूरी तरह से एक एहतियाती उपाय के तौर पर की गई है। हालांकि, भारतीय राजनयिकों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद ढाका में भारतीय उच्चायोग और बांग्लादेश के अन्य शहरों में स्थित भारतीय मिशन अपनी पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करना जारी रखेंगे। अधिकारियों की उपस्थिति वहां बनी रहेगी ताकि द्विपक्षीय कार्यों में कोई बाधा न आए।

बांग्लादेश में भारतीय मिशनों को पिछले कुछ समय से गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इस तनाव की शुरुआत 12 दिसंबर, 2025 को इस्लामवादी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी पर हुई गोलीबारी के बाद हुई थी। घटना के तुरंत बाद ऐसी अफवाहें और अपुष्ट खबरें फैलने लगीं कि हादी पर हमला करने वाले हमलावर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरह भारत भाग गए हैं। इन अफवाहों ने भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने का काम किया।

17 दिसंबर, 2025 को कट्टरपंथी छात्र समूह ने भारतीय उच्चायोग तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश के उच्चायोजक रियाज हमीदुल्ला को तलब कर कड़ी आपत्ति जताई थी। हालांकि रैली को सुरक्षा घेरे के कारण रोक दिया गया था, लेकिन भारत ने अंतरिम सरकार को याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत भारतीय मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है।

18 दिसंबर को हादी की मृत्यु के बाद स्थिति और बिगड़ गई। मयमनसिंह में बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के सदस्य दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उन्हें सड़क पर जला दिया गया। इस नृशंस घटना के विरोध में भारत के पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में व्यापक प्रदर्शन हुए, जिसके कारण बांग्लादेश को अपनी वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भी भारत से अपने मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वर्तमान में इसी तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारत ने अपने कर्मियों के परिवारों को सुरक्षित स्वदेश लाने का निर्णय लिया है।