प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रभावित राहत कार्य पूरा
जकार्ताः इंडोनेशिया के सुदूर और पहाड़ी क्षेत्र में लापता हुए एक छोटे विमान की खोज में जुटे बचाव दल को आखिरकार एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्हें उस विमान का मलबा मिल गया है, जो उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही रडार से ओझल हो गया था। इस विमान में 11 लोग सवार थे, जिनमें चालक दल के सदस्य और यात्री शामिल थे। इस खोज के बाद अब सारा ध्यान मलबे के स्थल तक पहुँचने और संभावित बचे हुए लोगों की तलाश पर केंद्रित हो गया है।
इंडोनेशियाई राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी के अनुसार, यह विमान घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ों वाले इलाके के ऊपर से गुजर रहा था, तभी इसका संपर्क हवाई यातायात नियंत्रण से टूट गया। विमान के लापता होने के तुरंत बाद एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया था, जिसमें स्थानीय पुलिस, सेना और स्वयंसेवकों को शामिल किया गया। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव दल को हवाई सर्वेक्षण का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद अंततः एक गहरी खाई के पास विमान का मलबा दिखाई दिया।
मलबे का पता चलना राहत की बात है, लेकिन वहां तक पहुँचने का रास्ता बेहद खतरनाक है। इंडोनेशिया का यह क्षेत्र अपनी अनिश्चित जलवायु और घने बादलों के लिए जाना जाता है, जिससे हेलिकॉप्टरों का लैंड करना असंभव हो गया है। बचाव दल को पैदल ही घने जंगलों और खड़ी पहाड़ियों को पार करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे की स्थिति को देखते हुए दुर्घटना काफी भीषण जान पड़ती है, लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी के जीवित होने या मरने की पुष्टि नहीं की गई है।
इंडोनेशिया का विमानन इतिहास अक्सर ऐसी दुर्घटनाओं से घिरा रहा है। यहाँ के द्वीपीय भूगोल और अचानक बदलते मौसम के कारण विमान सेवाओं के लिए परिचालन हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी या खराब दृश्यता एक मुख्य कारण हो सकती है। सरकार ने पहले ही एक जांच दल का गठन कर दिया है, जो मलबे से ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाएगा। 11 परिवारों की निगाहें अब बचाव दल की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस त्रासदी की पूरी तस्वीर साफ करेगी।