Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी में कपड़े की फैक्ट्री में चल रहा था पटाखों का अवैध काम, धमाके में 7 क... Crime News: शादी की बात करने पहुंचे बॉयफ्रेंड पर भाइयों का खौफनाक हमला, ब्लेड से रेता गला; लगे 18 टा... MP Congress Recruitment: मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की भर्ती, 'टैलेंट हंट' के जरिए मिलेगी न... Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में 20 दिन बाद FIR दर्ज, कंपाउंडर पर... Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों... Weather Update 2026: दिल्ली में अगले 24 घंटे में बारिश का 'Yellow Alert', पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर... Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न? राशि अनुसार दान से चमक जाएगी ... झांसी में खौफनाक वारदात: होटल मैनेजर को बेल्टों से 40 बार बेरहमी से पीटा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान! 'कुर्सी के लायक नहीं राहुल गांधी...' नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आ... Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन 4 राशियों के लिए होगा बेहद भारी, जानें शुभ-अशुभ फल

शिंदे ने अपने लिए मांगा पहले मेयर का पद

बीएमसी चुनाव में सफलता के बाद अब कुर्सी की लड़ाई

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति गठबंधन के भीतर सत्ता के बंटवारे को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों का अभिनंदन किया, लेकिन इस उत्सव के पीछे गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ मोलभाव की एक गहरी रणनीति भी दिखाई दी।

नवनिर्वाचित 29 पार्षदों को एक साथ रखने के लिए शिंदे गुट ने बांद्रा के एक लग्जरी होटल में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। पार्षद अमेय घोले के अनुसार, इस कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री शिंदे स्वयं पार्षदों को शहर के विकास योजना, चुनावी घोषणापत्र के कार्यान्वयन और अगले पांच वर्षों के रोडमैप के बारे में मार्गदर्शन देंगे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे होटल पॉलिटिक्स के रूप में देखा जा रहा है ताकि गठबंधन वार्ता के दौरान पार्षदों को एकजुट रखा जा सके।

शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे मुंबई के मेयर पद के लिए ढाई साल के कार्यकाल की मांग करेंगे। उनकी योजना के अनुसार पहले 2.5 साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए। भाजपा अगले 2.5 साल के लिए अपना मेयर चुन सकती है।

पार्टी का तर्क है कि चूंकि भाजपा अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा (114) पार नहीं कर पाई है (भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं), इसलिए उसे सत्ता साझा करनी ही होगी। शिवसेना का कहना है कि 2:1 के अनुपात के आधार पर स्टैंडिंग कमेटी और इंप्रूवमेंट कमेटी जैसे महत्वपूर्ण पदों का भी बंटवारा होना चाहिए।

इस चुनाव ने मुंबई में ठाकरे परिवार के करीब तीन दशकों के वर्चस्व को समाप्त कर दिया है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। जहां भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं शिंदे गुट की 29 सीटें सत्ता की चाबी बन गई हैं। कार्यशाला के दौरान केवल बीएमसी के कामकाज पर ही नहीं, बल्कि आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। एकनाथ शिंदे का लक्ष्य अपने पार्षदों को वार्ड स्तर पर प्रभावी शासन के गुर सिखाना है ताकि वे जनता के विश्वास पर खरे उतर सकें।