Breaking News in Hindi

जी राम जी पर झूठ बोल रही कांग्रेसः चौहान

कांग्रेस के आरोपों से खिलाफ केंद्रीय मंत्री ने मोर्चा संभाला

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। चौहान ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती मनरेगा योजना पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी थी और अब कांग्रेस नई रोजगार योजना वीबी-जी राम जी के बारे में जनता के बीच जानबूझकर झूठ और गलत जानकारी फैला रही है। उन्होंने कांग्रेस के प्रस्तावित मनरेगा बचाओ संग्राम पर तंज कसते हुए इसे भ्रष्टाचार बचाओ अभियान करार दिया। चौहान ने तीखा सवाल भी दागा कि जब संसद के दोनों सदनों में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर गहन चर्चा हो रही थी, तब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन से अनुपस्थित क्यों थे?

योजना के कार्यान्वयन में आई कमियों को उजागर करने के लिए चौहान ने कई चौंकाने वाले आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं द्वारा किए गए सोशल ऑडिट के दौरान मनरेगा के तहत 10,51,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि धरातल पर श्रमिकों के बजाय मशीनों से काम लिया जा रहा था और नहरों व सड़कों की सफाई के नाम पर सरकारी धन की जमकर हेराफेरी की गई।

तुलनात्मक डेटा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि जहाँ यूपीए के शासनकाल में इस मद में केवल 2 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे, वहीं मोदी सरकार ने अब तक 8,48,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। उन्होंने तर्क दिया कि नई विब-जी राम जी योजना के तहत बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और श्रमिकों के हितों की रक्षा अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से की जा सकेगी।

मंत्री ने भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अगले वित्त वर्ष के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना हेतु 1,51,282 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया जाएगा, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 95,600 करोड़ रुपये से अधिक होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (वीबी जी राम जी) के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पिछली योजना के 100 दिनों के प्रावधान से कहीं अधिक बेहतर और कल्याणकारी है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने इस कानून को अधिकार विरोधी बताते हुए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। हालांकि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 दिसंबर को ही इस विधेयक को अपनी स्वीकृति दे दी थी, जिसके बाद अब यह आधिकारिक रूप से कानून बन चुका है और इसने पुराने ग्रामीण रोजगार कानून का स्थान ले लिया है।