Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ब्रह्मांड में सोना बनने का रहस्य खुला चित्तौड़गढ़ में 'कातिल' मधुमक्खियों का तांडव! श्मशान में शव यात्रा पर किया हमला, दो की मौत; 50 लोगों... दिल्ली में गैस माफिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! 223 LPG सिलेंडर बरामद, पुलिस ने कालाबाजारी के बड़े खेल ... चीन और ईरान की 'खतरनाक' जुगलबंदी! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—ड्रैगन दे रहा है तेहरान को घातक हथ... ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का 'प्लान-B' तैयार! गैस सप्लाई न रुके इसलिए खर्च होंगे ₹600 करोड़; क्य... Saharanpur Encounter: सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी शहजाद, 44 वारदातों को दे ... Delhi Weather Update: दिल्ली में आंधी के बाद झमाझम बारिश, 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; जानें अगले 3 ... अब होर्मुज में बंकर बस्टर बम गिराये पुडुचेरी राजनीति में अचानक बड़े भूचाल का संकेत तीसरा जहाज जग लाड़की भी मुद्रा बंदरगाह पहुंच गया

ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई मौतें

देश के विभिन्न प्रांतों में प्रदर्शन का सिलसिला बढ़ा

तेहरान: ईरान के विभिन्न प्रांतों में गिरती आर्थिक स्थिति और बेतहाशा महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब एक बेहद हिंसक रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिनमें कई लोगों के मारे जाने की दुखद खबर सामने आई है।

ताजा हिंसा की सबसे गंभीर घटना दक्षिण-पश्चिमी प्रांत चहारमहल और बख्तियारी के लोर्डेगन काउंटी में गुरुवार सुबह दर्ज की गई। यहाँ प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ, जिसमें कम से कम दो लोगों की जान चली गई। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि हताहत होने वाले लोग प्रदर्शनकारी नागरिक थे या कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले सुरक्षाकर्मी।

सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारी अवैध हथियारों से लैस थे और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर सीधी गोलीबारी की। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपुष्ट वीडियो एक अलग कहानी बयां कर रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी पुलिस पर पत्थरबाजी करते और सरकारी इमारतों, बैंकों तथा गवर्नर कार्यालय को निशाना बनाते देखे जा सकते हैं।

लोरेस्तान प्रांत के कुहदाश्त शहर में बुधवार रात हुई झड़पों में शासन समर्थक बसीज अर्धसैनिक बल का एक जवान मारा गया और 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह इस सप्ताह शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में हुई पहली आधिकारिक मौत है। जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कुहदाश्त में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।

प्रदर्शनों की यह लहर तब शुरू हुई जब ईरानी मुद्रा (रियाल) अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुँच गई, जिससे आम जनता की क्रय शक्ति पूरी तरह समाप्त हो गई है। बाज़ार के व्यापारियों, दुकानदारों और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर शासन विरोधी नारे लगाए। विश्लेषकों का मानना है कि 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में हुई मौत के बाद भड़के देशव्यापी विद्रोह के बाद यह सबसे बड़ा और संगठित विरोध प्रदर्शन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है। अमेरिका ने ईरानी अधिकारियों से हिंसा और दमन का चक्र तुरंत रोकने की अपील की है।