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रूसी हमलों को चौतरफा झेलकर परेशान है यूक्रेन

दक्षिणी मोर्चे पर दबाव और सैनिकों की कमी

कीव: यूक्रेन के दक्षिणी युद्धक्षेत्र में अग्रिम मोर्चे पर तैनात यूक्रेनी सेना इस समय ‘अत्यधिक दबाव’ और गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, रूसी सेना ने पिछले कुछ हफ्तों में जापोरीजिया क्षेत्र के खुले ग्रामीण इलाकों में अपनी आक्रामक रणनीति को तेज कर दिया है। रूसी ब्रिगेडों ने यूक्रेनी रक्षा पंक्तियों को भेदते हुए सैकड़ों वर्ग किलोमीटर के रणनीतिक भूभाग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

यूक्रेनी सुरक्षा सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी, जिन्हें युद्ध क्षेत्र में बंकर के नाम से जाना जाता है, ने वर्तमान स्थिति को अत्यंत तनावपूर्ण और चिंताजनक बताया है। उन्होंने खुलासा किया कि रूसी सेना अब बड़े हमलों के बजाय छोटी-छोटी पैदल सेना की टुकड़ियों का इस्तेमाल कर रही है। ये टुकड़ियाँ उन गुप्त रास्तों और क्षेत्रों को निशाना बना रही हैं जहाँ यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था तुलनात्मक रूप से कमजोर या कम संसाधनों वाली है।

हालिया संघर्षों का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रणनीतिक रूप से अहम गुल्याईपोल शहर रहा है। रूसी कमांडर कर्नल जनरल आंद्रेई इवानाएव ने सीधे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रिपोर्ट करते हुए दावा किया है कि उनके सैनिकों ने इस शहर पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। आधिकारिक रूसी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत से अब तक रूसी सेना ने निप्रोपेत्रोव्स्क और जापोरीजिया क्षेत्रों में लगभग 210 वर्ग किलोमीटर अतिरिक्त जमीन हथिया ली है।

यूक्रेनी स्वतंत्र निगरानी संस्था डीपस्टेट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि रूसी सेना के पास मानव संसाधन और गोला-बारूद की उपलब्धता यूक्रेन के मुकाबले कई गुना अधिक है। सैनिकों की भारी कमी के कारण यूक्रेनी बल अब पूरी तरह से ‘ड्रोन युद्ध’ पर निर्भर हो गए हैं। हालांकि, खुले मैदानों में ड्रोन प्रभावी हैं, लेकिन गुल्याईपोल जैसे शहरी क्षेत्रों में मौजूद खंडहर और बेसमेंट रूसी सैनिकों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें बेदखल करना मुश्किल हो गया है।

यूक्रेनी सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिरस्की ने भी भारी मन से स्वीकार किया है कि एक प्रमुख कमांड पोस्ट रूस के हाथ लग गई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि महीनों से बिना किसी रोटेशन या आराम के लड़ रही यूक्रेनी टुकड़ियाँ शारीरिक और मानसिक थकान के कारण भारी नुकसान झेल रही हैं, जो अंततः पूरी सुरक्षा पंक्ति के लिए खतरा बन गया है।