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नये  साल के पहले कांग्रेस अध्यक्ष का मोदी पर हमला

अगले साल सुशासन की उम्मीद रहेगी: खड़गे

  • चौदह विफलताओं को रेखांकित किया

  • सरकार के कुशासन की उल्लेख किया

  • गरीबों के काम का अधिकार छीन लिया

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरु: साल 2025 के अंतिम दिन, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बीते वर्ष को विफलताओं और कुशासन का कालखंड करार दिया। बेंगलुरु में पत्रकारों से संवाद करते हुए खड़गे ने देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएँ तो दीं, लेकिन साथ ही सत्तापक्ष पर तीखे राजनीतिक बाण भी छोड़े। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाला वर्ष देश के नागरिकों के लिए वास्तविक सुशासन लेकर आएगा, जिसकी उनके अनुसार वर्तमान सरकार में भारी कमी रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए खड़गे ने भाजपा के 11 साल के शासनकाल, विशेषकर वर्ष 2025 की 14 प्रमुख विफलताओं को रेखांकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा जैसी जन कल्याणकारी योजना को समाप्त कर करोड़ों गरीबों से उनका काम का अधिकार छीन लिया है। खड़गे के अनुसार, नई व्यवस्था विकसित भारत–ग्राम जी अधिनियम केवल नाम बदलने की कवायद है, जबकि धरातल पर इसने श्रमिकों के हितों को चोट पहुँचाई है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बिना तैयारी के किए गए इस बदलाव ने लाखों लोगों से उनका वोट देने का अधिकार तक छीन लिया।

आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय रुपया इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है और डॉलर के मुकाबले 91 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने बढ़ती आर्थिक असमानता का हवाला देते हुए दावा किया कि देश की 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1 प्रतिशत लोगों के हाथ में सिमट गई है। युवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर चरम पर है और पेपर लीक जैसे घोटालों ने करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है।

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भारत-पाकिस्तान गतिरोध में विदेशी हस्तक्षेप (अमेरिका और चीन) के दावों का जिक्र किया। उन्होंने मणिपुर की अशांति, उत्तर भारत में दमघोंटू वायु प्रदूषण, और कुंभ के दौरान हुई भगदड़ जैसी घटनाओं को सरकार की प्रशासनिक विफलता बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के मंत्रियों ने गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के बजाय केवल बयानबाजी का सहारा लिया।

इन आरोपों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने खड़गे के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतिगत पंगुता की शिकार रही है, जबकि मोदी सरकार ने नीतिगत क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी है। भंडारी ने तर्क दिया कि कड़े और नपे-तुले सुधारों के कारण ही भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।