दक्षिण अफ्रीका में सामूहिक गोलीबारी की खुफिया जांच जारी
जोहांसबर्गः दक्षिण अफ्रीका के गौतेंग प्रांत में हाल ही में एक टावर्न (शराबखाने) में हुई निर्मम सामूहिक गोलीबारी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस जघन्य अपराध के बाद सुरक्षा एजेंसियों पर बढ़ते दबाव के बीच, पुलिस ने पिछले 12 घंटों में एक बड़े इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
जोहान्सबर्ग के विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी में 11 कुख्यात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से जो जखीरा बरामद किया है, वह चौंकाने वाला है—इसमें हाई-टेक एके -47 राइफलें, मॉडिफाइड हैंडगन, बुलेटप्रूफ जैकेट और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल हैं। यह बरामदगी स्पष्ट करती है कि यह कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट का काम था।
पुलिस के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये संदिग्ध टैक्सी माफिया और जबरन वसूली गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं, जो इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए निर्दोष लोगों की हत्याएं करते हैं। टावर्न में हुई गोलीबारी के पीछे का मकसद संभवतः प्रोटेक्शन मनी न देना था। इस गिरफ्तारी को दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती गन-वायलेंस (बंदूक हिंसा) के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। देश में पिछले कुछ वर्षों में टावर्न और सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि सड़कों को अपराधियों से मुक्त कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का तर्क है कि केवल गिरफ्तारियों से समस्या हल नहीं होगी, जब तक कि अवैध हथियारों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय रास्तों को बंद नहीं किया जाता। गिरफ्तार किए गए 11 लोगों से फिलहाल अज्ञात स्थानों पर पूछताछ की जा रही है ताकि उनके राजनीतिक और आर्थिक संपर्कों का खुलासा हो सके। नागरिकों ने राहत की सांस ली है, लेकिन डर का माहौल अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।