गाजा के भीषण संघर्ष की वजह से थम गयी थी परंपराएं
बेथलेहम (वेस्ट बैंक): ईसा मसीह की जन्मस्थली माने जाने वाले ऐतिहासिक शहर बेथलेहम में आज क्रिसमस का त्यौहार एक नई उम्मीद और गहरी संवेदनाओं के साथ मनाया जा रहा है। पिछले साल, गाजा में जारी भीषण युद्ध के सम्मान और शोक में यहाँ के सभी सार्वजनिक उत्सव रद्द कर दिए गए थे, जिससे सदियों पुरानी परंपराएं थम सी गई थीं। लेकिन इस वर्ष, हाल ही में हुए नाजुक संघर्ष विराम ने इस पवित्र शहर में फिर से रौनक लौटा दी है। मैन्जर स्क्वायर, जो पिछले साल सूना पड़ा था, आज हजारों स्थानीय ईसाइयों और अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों की भीड़ से गुलजार है।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक स्काउट बैंड के मार्च पास्ट से हुई, जिसमें ड्रम और बैगपाइप की धुनों ने शहर के वातावरण को आध्यात्मिक उत्साह से भर दिया। चर्च ऑफ द नेटिविटी में आयोजित मिडनाइट मास (आधी रात की प्रार्थना) के दौरान, लैटिन पैट्रिआर्क ने अपने संबोधन में दुनिया भर के नेताओं से फिलिस्तीन और इजरायल के बीच स्थायी शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का क्रिसमस केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के प्रति एकजुटता है जिन्होंने युद्ध में अपनों को खोया है। बेथलेहम की सड़कों पर इस बार गाजा के लिए शांति और मानवता की जीत जैसे संदेशों वाले बैनर प्रमुखता से देखे जा रहे हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेथलेहम की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से धार्मिक पर्यटन पर टिकी है। पिछले दो वर्षों के सन्नाटे ने स्थानीय होटल व्यवसायियों, शिल्पकारों और दुकानदारों को भारी नुकसान पहुँचाया था। इस साल होटलों में 80 फीसद से अधिक बुकिंग देखी गई है, जो क्षेत्र की आर्थिक बहाली का एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, सुरक्षा चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। वेस्ट बैंक के प्रवेश द्वारों पर इजरायली सेना की कड़ी चौकसी और चेकपॉइंट्स के कारण तीर्थयात्रियों को आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
इस वैश्विक आयोजन ने एक बार फिर मध्य पूर्व के जटिल मुद्दों की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि बेथलेहम में शांतिपूर्ण क्रिसमस का आयोजन क्षेत्र में चल रही शांति वार्ताओं को एक नैतिक बल प्रदान कर सकता है। ईसाई समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी यहाँ शांति के लिए मोमबत्ती जलाते हुए देखे गए, जो धार्मिक सद्भाव का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।