Breaking News in Hindi

अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस गरीबी उन्मूलन का संकल्प

तमाम देशों की सरकारों को उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाता है

जेनेवाः आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मना रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित यह दिन विविधता में एकता के उत्सव और असमानता को कम करने के लिए समर्पित है। इस वर्ष की थीम, सतत विकास के लिए एकजुटता, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

एकजुटता का वैश्विक महत्व और यूएन का संदेश अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस का मुख्य उद्देश्य दुनिया की सरकारों को उनके उन वादों की याद दिलाना है, जो उन्होंने गरीबी, भूखमरी और बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत किए थे। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति तब तक संभव नहीं है, जब तक अमीर और गरीब राष्ट्र एक-दूसरे के साथ सहयोग की भावना से काम न करें।

दुनिया भर में चल रहे विभिन्न युद्धों, भू-राजनीतिक तनावों और आर्थिक मंदी के इस कठिन दौर में, एकजुटता का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने विशेष संदेश में स्पष्ट किया है कि एकजुटता केवल एक नैतिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह हमारे साझा भविष्य के लिए एक रणनीतिक अनिवार्यता भी है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक हम जलवायु संकट और असमानता जैसे वैश्विक संकटों में एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नहीं होंगे, तब तक स्थायी शांति और समृद्धि एक सपना ही बनी रहेगी।

भारत की भूमिका और दक्षिण-दक्षिण सहयोग इस अवसर पर भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार है) की नीति को फिर से रेखांकित किया है। भारत ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग के ढांचे के तहत विकासशील देशों की मदद करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसका अर्थ है कि भारत जैसे उभरते देश अपने अनुभव, तकनीक और संसाधनों को अन्य अफ्रीकी और एशियाई विकासशील देशों के साथ साझा कर रहे हैं ताकि वे भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।

आज के दिन दुनिया भर में विभिन्न दान अभियानों, रक्तदान शिविरों और सामाजिक चेतना कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि गरीबी केवल एक आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक मानवाधिकारों का उल्लंघन है। सामूहिक प्रयासों और साझा जिम्मेदारी से ही दुनिया की बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। एकजुटता ही वह सूत्र है जो विभिन्न संस्कृतियों और विचारधाराओं के बावजूद मानवता को एक सूत्र में बांधे रखती है।