इंडिगो प्रकरण के शांत होते ही दूसरी आशंका सच साबित हुई
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय दूरसंचार क्षेत्र (टेलीकॉम सेक्टर) से आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 में रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी दिग्गज कंपनियां अपने मोबाइल रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में 16 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि करने जा रही हैं। यह बढ़ोतरी 4जी और 5जी दोनों तरह के ग्राहकों के लिए लागू होगी। प्रीपेड और पोस्टपेड, दोनों ही प्रकार के उपयोगकर्ताओं को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी।
कंपनियों की इस नई रणनीति के तहत, न केवल प्लान्स महंगे होंगे, बल्कि कई लोकप्रिय सस्ते प्लान्स को पोर्टफोलियो से पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रीमियम पैक्स के साथ मिलने वाले ओटीटी स्ट्रीमिंग के लाभों को भी सीमित किया जा सकता है। यानी अब उपभोक्ताओं को मनोरंजन और डेटा के लिए पहले के मुकाबले काफी अधिक कीमत चुकानी होगी। पिछले 8 वर्षों में यह चौथा मौका होगा जब टेलिकॉम टैरिफ में इतनी बड़ी वृद्धि की जा रही है।
इस मूल्य वृद्धि के पीछे कंपनियों का तर्क है कि उन्हें अपने औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता को बढ़ाना है ताकि वे भविष्य की तकनीकों में निवेश कर सकें। एयरटेल का मानना है कि इससे उसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी। वहीं, रिलायंस जियो ने भी अपने प्रमुख 5G निवेशों को लगभग पूरा कर लिया है और अब वह लाभ पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। वोडाफोन-आइडिया भी अपने अस्तित्व को बचाने और भविष्य के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से कीमतें बढ़ाने की तैयारी में है। ग्राहकों के लिए संदेश साफ है: बेहतर नेटवर्क और तेज इंटरनेट की सुविधा तो मिलेगी, लेकिन इसके लिए भारी कीमत चुकानी होगी।