शनिदेव की क्रूर दृष्टि का सच! किन 5 तरह के लोगों पर होता है सबसे बुरा प्रभाव, क्या शनि की वजह से टूटते हैं परिवार?
Shani Dev: शनिदेव कर्मफल दाता और न्याय के देवता माने जाते हैं. शनिदेव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल प्रदान करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव नवग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं. शनिदेव जिस पर प्रसन्न हो जाएं उसके जीवन में स्थिरता, शांति और आर्थिक संपन्नता आती है, लेकिन शनिदेव क्रूर माने जाते हैं. उनकी क्रूर यानी वक्र दृष्टि अशुभ मानी जाती है.
हर इंसान शनि देव की क्रूर दृष्टि से बचना चाहता है. क्योंकि ऐसा होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में आइए जान लेते हैं वो कौन से लोग होते हैं, जिन पर शनिदेव अपनी क्रूर दृष्टि डालते हैं. साथ ही जानते हैं कि शनिदेव की क्रूर दृष्टि से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
इन लोगों पर पड़ती है शनि की क्रूर दृष्टि
झूठी गवाही देने वालों, गरीबों को सताने वालों और किसी के पीठ पीछे बुराई करने वाले लोगों को शनि की क्रूर दृष्टि का सामना करना पड़ता है. वहीं अगर कोई व्यक्ति अपने गुरुजनों का अपमान करता है, तो उसे भी शनि के क्रोध का सामना करना पड़ता है. ईश्वर में आस्था नहीं रखने वालों, पशु-पक्षियों को सताने वालों पर भी शनि अपनी क्रूर दृष्टि डालते हैं.
गरीबों, महिलाओं और असहाय लोगों का हक छीनने वाले भी शनि के क्रोध का सामना करते हैं. जो लोग आसपास या व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं या फिर चीजों को अस्त-व्यस्त रखते हैं, उन लोगों को भी शनि की क्रूर दृष्टि पड़ती है. यही नहीं जो लोग मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन मांस-मदिरा का सेवन करते हैं, उन पर भी शनिदेव की क्रूर दृष्टि पड़ती है.
जीवन में आती हैं परेशानियां
शनिदेव की क्रूर दृष्टि पड़ने से जीवन में परेशानियां आ जाती हैं. कदम-कदम पर बाधाएं आने लगती हैं. परिवार में चुनौतियां आ सकती हैं. रिश्तों में खटास आ सकती है.
रखें इन बातों का ध्यान
शनिदेव की क्रूर दृष्टि का सामना न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए इन सभी कार्यों से दूरी बनाए रखनी चाहिए. साथ ही अच्छे कर्म करने चाहिए. अच्छे कर्म करने से शनि देव कष्ट नहीं देते और उनकी कृपा प्राप्त होती है.