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240 उद्यमियों का भूखंड आवंटन रद्द किया गया

उद्योग नहीं लगाने पर छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

रायपुरः छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) ने उन 240 उद्यमियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिन्होंने औद्योगिक विकास के लिए आवंटित सस्ते भूखंडों को लेने के बावजूद उन पर उद्योग स्थापित नहीं किए। इन उद्यमियों ने वर्षों पहले रियायती दरों पर भूखंड तो हासिल कर लिए, लेकिन न तो उत्पादन शुरू किया, न ही इकाइयाँ लगाईं, और न ही अपनी बकाया राशि का भुगतान किया।

इन आवंटित भूखंडों में रायपुर, बिलासपुर, उरला, सिलतरा, सिरगिट्टी, तिफरा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ मेगा इंडस्ट्रियल जोन्स और रायगढ़ के भूखंड शामिल थे। इन उद्यमियों ने राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में दी गई रियायतों का लाभ लेने के लिए भूखंड प्राप्त किए थे। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी इन भूखंडों पर न तो भवन निर्माण हुआ, न मशीनें स्थापित हुईं और न ही रोजगार के अवसर पैदा हुए।

प्रबंध संचालक के अनुसार, कुछ उद्यमियों ने केवल औपचारिकता पूरी करने के उद्देश्य से चारदीवारी बनाकर यह दिखाने की कोशिश की कि काम शुरू हो गया है। ऐसे मामलों की जाँच करके भूखंड वापस लेने की तैयारी है। जहाँ बिल्कुल भी कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है, उन भूखंडों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा चुका है।

पिछले एक वर्ष के भीतर ही कुल 240 भूखंड आवंटन रद्द किए गए हैं। इन उद्यमियों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण सीएसआईडीसी ने अब यह सख्त कदम उठाया है। सीएसआईडीसी ने यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई उद्यमी देरी का ठोस और मान्य कारण प्रस्तुत करता है, तो एक समिति उसकी समीक्षा करेगी।

कारण उपयुक्त पाए जाने पर उन्हें सीमित मोहलत दी जा सकती है। अन्यथा, भूखंड पर तुरंत निगम का अधिपत्य वापस ले लिया जाएगा और इसे किसी अन्य इच्छुक और सक्षम उद्यमी को आवंटित कर दिया जाएगा, जो राज्य में औद्योगिक विकास को गति दे सके। यह कार्रवाई राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माहौल को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि औद्योगिक भूमि का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के लिए ही हो, न कि अटकलों या कब्जे के लिए।