Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
प्रयोगशाला में विकसित रीढ़ ठीक होने में सक्षम Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... गुणवत्ता के लिए ऑथेंटिसिटी लेबल बनेः नरेंद्र मोदी बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने का दिया आश्वासन यह मामला हमेशा के लिए नहीं चल सकता

भाखड़ा डैम से जुड़ी अहम खबर, BBMB ने लिया बड़ा फैसला

रूपनगर/रोपड़: भाखड़ा डैम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, भाखड़ा के निर्माण के 71 साल बाद, इसके पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील से गाद (सिल्ट) निकालने के लिए एक समझौता किया गया है। इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय ने डिप्टी सेक्रेटरी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम का गठन किया है। इस 10 सदस्यीय समिति की पहली बैठक पिछले हफ्ते दिल्ली में हुई और बीबीएमबी के मुख्य इंजीनियर सी. पी. सिंह को भी इस विशेष समिति में शामिल किया गया है। इस बात की पुष्टि खुद मुख्य इंजीनियर सी. पी. सिंह ने विशेष बातचीत के दौरान की।

मुख्य इंजीनियर सी. पी. सिंह के अनुसार, गोबिंद सागर झील में गाद की जांच हर दो साल में की जाती है, जिससे झील की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती रहती है। लेकिन अब 25% तक झील गाद से भर चुकी है, और यदि हम “उपयोगी भंडारण” की बात करें तो वह भी 19% तक भर चुका है। इसे देखते हुए बीबीएमबी प्रबंधन ने डिसिल्टिंग (गाद निकालने) के लिए NIT तैयार की थी, लेकिन हिमाचल में डिसिल्टिंग पॉलिसी न होने के कारण टेंडर जारी नहीं किए जा सके।

इस संबंध में सचिव पावर और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच बातचीत हुई, जिसमें बताया गया कि यदि उक्त काम होता है, तो इससे हिमाचल सरकार को आर्थिक लाभ मिलेगा ही, साथ ही बीबीएमबी के साझेदार राज्यों को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि डिसिल्टिंग  के लिए वित्तीय नीति तैयार कर बैठक में प्रस्तुत कर दी गई है। हिमाचल पावर सचिवालय की ओर से भरोसा दिया गया है कि गोबिंद सागर झील की डिसिल्टिंग नीति हिमाचल विधानसभा के अगले सत्र में तैयार की जाएगी। वहां से मंजूरी मिलते ही डीसिल्टिंग के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। अंत में उन्होंने कहा कि झील में गाद की समस्या सिर्फ बीबीएमबी की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है, और इसके समाधान के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।