Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी में कपड़े की फैक्ट्री में चल रहा था पटाखों का अवैध काम, धमाके में 7 क... Crime News: शादी की बात करने पहुंचे बॉयफ्रेंड पर भाइयों का खौफनाक हमला, ब्लेड से रेता गला; लगे 18 टा... MP Congress Recruitment: मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की भर्ती, 'टैलेंट हंट' के जरिए मिलेगी न... Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में 20 दिन बाद FIR दर्ज, कंपाउंडर पर... Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों... Weather Update 2026: दिल्ली में अगले 24 घंटे में बारिश का 'Yellow Alert', पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर... Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न? राशि अनुसार दान से चमक जाएगी ... झांसी में खौफनाक वारदात: होटल मैनेजर को बेल्टों से 40 बार बेरहमी से पीटा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान! 'कुर्सी के लायक नहीं राहुल गांधी...' नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आ... Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन 4 राशियों के लिए होगा बेहद भारी, जानें शुभ-अशुभ फल

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: आज रात खुलेंगे भाग्य के द्वार! स्नान-दान से पहले नोट कर लें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है, और जब यह पूर्णिमा मार्गशीर्ष (अगहन) माह में पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. भगवान श्रीकृष्ण ने खुद कहा है कि ‘मासों में मैं मार्गशीर्ष हूं’. इस पावन दिन पर स्नान, दान और भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी. इस दिन शुभ फल प्राप्त करने के लिए स्नान-दान और पूजा के सही मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: शुभ मुहूर्त

  • पवित्र स्नान और दान मुहूर्त: सुबह 5:10 बजे से सुबह 6:05 मिनट तक.
  • भगवान सत्यनारायण पूजा का समय: सुबह 10:53 बजे से दोपहर 1:29 मिनट तक.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

श्रीकृष्ण से संबंध: श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि “मासानाम् मार्गशीर्षोहम्” अर्थात् सभी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं. इसलिए इस माह की पूर्णिमा पर पूजा-पाठ करना सीधे भगवान कृष्ण की कृपा दिलाता है.

तीर्थ स्नान और दान: शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किसी पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है. स्नान के बाद अपनी क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र, कंबल, तिल और गुड़ जैसी वस्तुओं का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

मोक्ष की प्राप्ति: मान्यता है कि जो भक्त मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से पूजा करता है और दान करता है, उसके पूर्व जन्म के पाप भी नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की राह मिलती है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की पूजन विधि

इस दिन शुभ मुहूर्त में किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें. फिर भगवान सत्यनारायण की विधि-विधान से पूजा करें और कथा का पाठ अवश्य करें. कथा के बाद उन्हें भोग लगाएं. अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों या जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े, फल या तिल का दान करें. शाम को चंद्रोदय होने पर चंद्र देव को दूध और जल मिश्रित अर्घ्य दें. इस दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना बहुत ही फलदायी माना जाता है.