आपकी हो सकती है बड़ी कमाई! कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी इन कंपनियों के शेयर्स में दिख सकती है जबरदस्त तेजी, जानें कौन से हैं वो स्टॉक
अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि शहर के लिए आने वाले वर्षों में रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस अवसरों का दरवाजा खोल सकता है. बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स किसी भी शहर की किस्मत बदल देते हैं. नई सड़कें, नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, होटल्स का विस्तार और निवेशकों की दिलचस्पी में तेज बढ़ोतरी इसका हिस्सा होता है. ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि किन सेक्टर्स और कंपनियों को इस बड़े आयोजन का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा.
स्पोर्ट्स इवेंट्स का खर्च और अहमदाबाद की तैयारी
कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास बताता है कि ऐसे आयोजन पर बड़ी रकम खर्च होती है और उसके बदले शहर की सूरत पूरी तरह बदल जाती है. पिछले गेम्स में खर्च लगातार बढ़ा है, मैनचेस्टर से लेकर गोल्ड कोस्ट तक यह बजट कई गुना बढ़ा है. अहमदाबाद में भी वर्ल्ड-क्लास स्टेडियम, एथलीट्स विलेज, हाईवे और मेट्रो रूट्स के अपग्रेडेशन पर भारी निवेश की उम्मीद है. यह माहौल रियल एस्टेट डेवलपर्स और इंफ्रा कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा.
रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी की उम्मीद
सबसे बड़ा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को मिलता दिखाई दे सकता है. नई सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट-लिंक्ड विकास से अहमदाबादगांधीनगर में जमीन की कीमतें और मांग दोनों तेजी से बढ़ सकती हैं. जिन डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स पहले से ही स्टेडियम, मेट्रो कॉरिडोर या एयरपोर्ट के आसपास मौजूद हैं, उनकी वैल्यू और तेजी से बढ़ सकती है. अहमदाबाद के प्रमुख प्लेयर्स जैसे अरविंद स्मार्टस्पेस, गोदरेज प्रॉपर्टीज, और अडानी रियल्टी इस संभावित ग्रोथ स्टोरी से बड़ा लाभ उठा सकते हैं.
एयरपोर्ट-लिंक्ड डेवलपमेंट और ट्रैवल सेक्टर
गेम्स के दौरान इंटरनेशनल यात्रियों की आमद बढ़ने से एयरपोर्ट विस्तार और आसपास की कमर्शियल प्रॉपर्टीज की मांग भी बढ़ेगी. एयरपोर्ट के पास प्रीमियम ऑफिस स्पेस, होटल्स, रिटेल और बिज़नेस कॉम्प्लेक्स का विकास तेज़ी से हो सकता है. इससे अडानी एयरपोर्ट्स और उस क्षेत्र में काम करने वाली अन्य एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए सुनहरा समय
स्टेडियम निर्माण, रोड और मेट्रो के विस्तार, रेलवे कनेक्टिविटी और होटल प्रोजेक्ट्स का काम बड़े पैमाने पर बढ़ेगा. इसी वजह से L&T, HCC, GMR और कई लोकल इंफ्रा कंपनियों को नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने की संभावना है. इन कंपनियों ने पहले भी बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स और सरकारी प्रोजेक्ट्स में बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड दिखाया है, जिससे इनके शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है.
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में डिमांड का बूम
जब एक शहर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होस्ट करता है, तो होटल्स में मांग कई गुना बढ़ जाती है. लंबे समय तक खेल टीमों, अधिकारियों और टूरिस्ट्स की आवक से होटल उद्योग की कमाई बढ़ेगी और नए होटल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने की संभावना भी मजबूत होगी. ऐसे में ITC होटल्स, इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) और अन्य हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स को अच्छा-ख़ासा फायदा मिल सकता है.
आगे क्या देखने लायक है?
अभी राज्य सरकार और आयोजन समिति की तरफ से आधिकारिक योजनाएं, प्रोजेक्ट लिस्ट और टेंडर जारी किए जाने बाकी हैं. जैसे-जैसे ये घोषणाएं सामने आएंगी, बाजार में संबंधित कंपनियों के स्टॉक्स और सेक्टर्स में हलचल और बढ़ेगी.