Breaking News in Hindi

नकली आईएएस अधिकारी कल्पना भागवत गिरफ्तार

लाल किला विस्फोट मामले में उन्नीस करोड़ का चेक भी निकला

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम विस्फोट की जांच के सिलसिले में पुलिस ने एक महिला संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसके तार मुंबई और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कों से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार महिला कथित तौर पर एक नकली आईएएस अधिकारी बनकर रह रही थी और उसके पास से पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के संपर्क नंबर और अफगानिस्तानी लोगों से संबंध के प्रमाण मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध महिला, जिसने अपनी पहचान कल्पना भागवत बताई है, नकली आईएएस अधिकारी बनकर रह रही थी। यह खुलासा हुआ है कि उसके पाकिस्तानी सेना और अफगानिस्तान के लोगों से सीधे संपर्क थे। महिला को एक लक्जरी होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पिछले छह महीनों से रह रही थी। जांच अधिकारियों ने बताया कि यह महिला 10 नवंबर को दिल्ली में मौजूद थी, जिस दिन लाल किले के पास धमाका हुआ था।

जांच दल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महिला के संभावित खतरे पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अदालत से महिला की रिमांड मांगते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया कि दिल्ली विस्फोट मामले से उसके संभावित लिंक की गहनता से जाँच की जाएगी। पुलिस ने तलाशी के दौरान होटल के कमरे से कई चौंकाने वाले सबूत बरामद किए।

महिला के कमरे की तलाशी में पुलिस को 19 करोड़ रुपये का एक चेक और 6 लाख रुपये का एक अन्य चेक मिला। पुलिस ने अदालत को बताया कि महिला के पास 10 अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर थे, जिनमें से कुछ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के पेशावर क्षेत्र से संबंधित थे। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि उसके पास से पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के नंबर मिले हैं, जिनमें पेशावर आर्मी कैंटोमेंट बोर्ड और अफगानिस्तान दूतावास के अधिकारियों के नंबर शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 2017 का एक नकली आईएएस नियुक्ति पत्र बरामद किया, और उसके आधार कार्ड में भी विसंगतियाँ पाई गईं। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि महिला के बैंक खाते में उसके पुरुष मित्र अशरफ खलील और उसके भाई आवेद खलील के बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि महिला का बॉयफ्रेंड पाकिस्तान का है, जबकि उसका भाई अफगानिस्तान में रहता है, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि होती है।

उल्लेखनीय है कि 10 नवंबर की शाम को दिल्ली के लाल किले के पास एक आई20 कार में हुए विस्फोट ने देश को हिलाकर रख दिया था। इस आतंकी हमले में 15 लोगों की जान चली गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनई, अदील अहमद राथर और उसके भाई मुजफ्फर अहमद राथर के रूप में हुई थी, जो अल-फलाह विश्वविद्यालय में कार्यरत थे। हमलावर कश्मीरी डॉक्टर उमर-उन-नबी ही कार चला रहा था। पुलिस अब इस महिला की भूमिका और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के माध्यम से विस्फोट में उसकी संभावित संलिप्तता की व्यापक जाँच कर रही है, ताकि इस बड़ी साज़िश का पर्दाफाश किया जा सके।