Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब... तमिलनाडु पहुंचे राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले— "परिसीमन से तमिल जनता की राजनीतिक ताकत छीन... वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने क... NSA अजीत डोभाल 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित, अमित शाह बोले- "सुरक्षा इतिहास म... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का कड़ा एक्शन, 200 से अधिक लोगों को पुलिस का नोटिस जारी पटियाला में राजा वड़िंग के कार्यक्रम में भारी हंगामा, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'चन्नी जिंदाबाद' के नार... उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर दुष्कर्म की FIR: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, B... उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, मसूरी के लक्ष्मणपुरी में कथित अवैध नमाज स्थल पर चला बुलडोजर 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E-20' में गरजे अरविंद केजरीवाल, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

इंडोनेशिया में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 17 की मौत

बारिश के मौसम में आम नागरिकों को कोई राहत नहीं

जकार्ताः इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। दक्षिण सुमात्रा में, लगातार बारिश से कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह गईं, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई और कई गाँव जलमग्न हो गए।

भूस्खलन ने कई घरों को नष्ट कर दिया और महत्वपूर्ण सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आई। लापता लोगों की तलाश के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें और सेना मिलकर काम कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम बचाव प्रयासों को मुश्किल बना रहा है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता और चिकित्सा आपूर्ति भेजने की घोषणा की है।

यह आपदा इंडोनेशिया के लिए एक बार फिर से मौसमी आपदाओं की भेद्यता को उजागर करती है। हर साल, देश में मानसूनी बारिश के कारण जान-माल का भारी नुकसान होता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इन मौसमी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे देश को बेहतर तैयारी और बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता होगी।