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सबरीमाला मंदिर में आज से बड़ा बदलाव! भीड़ के कारण लिया गया फैसला, अब केवल $75000$ लोग ही कर पाएंगे दर्शन, स्पॉट बुकिंग भी कम

केरल में स्थित दुनिया के दूसरे सबसे बड़े तीर्थस्थल सबरीमला मंदिर को दो महीने चलने वाले वार्षिक तीर्थ सीजन के लिए खोला गया है. तभी से यहां श्रद्धालुओं की बेहिसाब भीड़ देखने को मिल रही है. इसके चलते अब निर्णय लिया गया है कि आज से केवल 75,000 लोग ही सबरीमाला दर्शन कर सकेंगे. पिछले तीन दिनों में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए. अकेले बुधवार को ही 80,615 लोगों ने दर्शन किए. बेकाबू भीड़ के लिए हाईकोर्ट ने देवस्वओम बोर्ड की कड़ी आलोचना की थी.

इसके बाद से ही सबरीमाला में आज से पाबंदियां लागू कर दी गई हैं. यानि आज से प्रतिदिन केवल 75,000 लोगों को ही मंदिर में दर्शन की अनुमति होगी. सोमवार तक स्पॉट बुकिंग घटाकर 5,000 कर दी गई है. वर्चुअल कतार बुकिंग पर भी ये फैसला सख्ती से अमल किया जाएगा.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सबरीमला मंदिर खुलने के 48 घंटे के भीतर 17 नवंबर को लगभग दो लाख श्रद्धालु भगवान अयप्पा मंदिर पहुंच गए, जिससे टीडीबी और पुलिस को भारी भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. भीड़ में कई बच्चे भी शामिल थे. टेलीविजन चैनल पर प्रसारित दृश्यों में मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचाने वाली 18 सीढ़ियों के सामने छोटे से क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी गई. कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की थी कि मंदिर के बाहर घंटों कतारों में खड़े होने के दौरान उन्हें पीने का पानी भी नहीं मिला.

कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी

न्यायमूर्ति की पीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि तीर्थयात्रा के मौसम की तैयारियां कम से कम छह महीने पहले शुरू हो जानी चाहिए थीं. कोर्ट ने सवाल किया कि भीड़भाड़ स्पष्ट होने के बावजूद वर्चुअल क्यू स्लॉट की संख्या क्यों कम नहीं की गई? कोर्ट ने पाया कि TDB ने खुद स्वीकार किया था कि स्पॉट बुकिंग के बाद भी 10,000 से अधिक लोग पहाड़ी पर चढ़े, जिससे सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह के अंदर और आसपास भीड़ बढ़ गई. पीठ ने प्रबंधन की तर्कहीनता पर सवाल उठाते हुए पूछा, ‘श्रद्धालुओं को अंदर धकेलने और बाहर निकालने का क्या मतलब है? क्या हमें प्रति मिनट 80 लोगों के प्रवेश पर जोर देना चाहिए?’ कोर्ट ने जोर दिया कि कुप्रबंधन के कारण कोई भी अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए.

हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश

कोर्ट ने स्पॉट बुकिंग और वर्चुअल क्यू बुकिंग का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि स्पॉट बुकिंग की संख्या घटाकर 5,000 की जाए और वर्चुअल क्यू बुकिंग का सख्ती से पालन कराया जाए. वर्चुअल बुकिंग में भी कोई चूक नहीं होनी चाहिए. निर्धारित समय से 6 घंटे पहले और 18 घंटे बाद ही अनुमति दी जाएगी.