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अयोध्या ही भाजपा की लंका बन जाएगीः अखिलेश यादव

राम मंदिर दान घोटाला पर सपा प्रमुख का बड़ा बयान

  • सोशल मीडिया पर कई पोस्ट एकसाथ किये

  • लंका कांड का उल्लेख कर अपनी बात रखी

  • यह इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी घोटाले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए दावा किया कि अयोध्या अब भाजपा के लिए लंका साबित होगी और इस अहंकारी साम्राज्य का पतन निश्चित है।

अखिलेश यादव ने रामचरितमानस के लंका कांड का जिक्र करते हुए कहा, भाजपा का लंका कांड अब अयोध्या में ही होगा। इन दानभक्तों का मुखौटा आखिरकार उतर चुका है, क्योंकि प्रभु की दिव्य शक्ति ने सचमुच अपना चमत्कार दिखा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के अहंकार का जो चमकता हुआ लंका साम्राज्य है, उसका अंत होने वाला है और इसी के साथ लंकाधिपति का भी पतन हो जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी भविष्यवाणी की कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब भाजपा के विभिन्न संगठनों—संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट—के बीच आपसी खींचतान शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, आपसी बंटवारे की इस लड़ाई में वे एक-दूसरे के राज खोलेंगे। उनके भागने से पहले सीमाओं को सील कर देना चाहिए क्योंकि वे लूटे गए माल की बोरियां लेकर अलग-अलग दिशाओं में भागने की फिराक में हैं।

अखिलेश यादव ने इस घोटाले की तुलना नीट परीक्षा विवाद से की। उन्होंने कहा, नीट के छात्र पूछ रहे हैं कि जब इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो ही गया है, तो लीक के लंकाधिपति (शिक्षा मंत्री) से इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा है? यादव ने गणित के साथ तंज कसते हुए पूछा, पढ़ाई-लिखाई का क्या फायदा जब गिनती ही धांधली वाली हो? सोना-चांदी कम तोला जा रहा है और गहने चुराए जा रहे हैं।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि 40 दिनों के भीतर ही 70 बार लूट की गई है। उन्होंने कहा, जिन्होंने महज सात हफ्तों में इतनी बड़ी चोरी की है, उन्होंने इतने वर्षों में कितना लूटा होगा? कितना उन्होंने आपस में बांटा, कितना छिपाया और कितना अपने बड़े नेता तक पहुंचाया? यह पूरी तरह से घोर निंदनीय है। उन्होंने दावा किया कि जो लोग आज भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उनका नाम इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। अखिलेश यादव के इस आक्रामक रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्षी दल इस मुद्दे को आगामी समय में एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।