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गिरफ्तारी और इस्तीफा के बाद भी ट्रस्ट की पूरी चुप्पी

सीसीटीवी में कैद है चोरी की घटनाएं

  • ट्रस्ट के सदस्य की शिकायत पर कार्रवाई

  • मनीष यादव की चोरी का सबूत दिख गया

  • योगी आदित्यनाथ ने कहा कड़ी कार्रवाई होगी

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटियों से नकदी चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस कथित घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम को सीसीटीवी फुटेज में अहम सबूत हाथ लगे हैं, जिनमें एक आरोपी मनीष यादव को बार-बार दान पेटी से पैसे चुराते हुए देखा गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी मनीष यादव, जिसे गिरफ्तार किया गया है, को मंदिर की नकदी गिनती इकाई में उसके रिश्तेदार रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने नियुक्त करवाया था। सूत्रों का दावा है कि टिन्नू ने ही मनीष को इस यूनिट में भर्ती कराकर उसे किसी भी तरह की जांच और निगरानी से सुरक्षित रखा था। टिन्नू स्वयं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का चालक और करीबी सहयोगी बताया जाता है।

स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को मामले के सभी आठ आरोपियों—रामाशंकर यादव (टिन्नू), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, राम शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव—को 29 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांचकर्ताओं ने कुल 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की है, जो कथित तौर पर चोरी की गई दान राशि से जुड़ी है। हालांकि, सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है। इनमें से छह आरोपी उस आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े थे, जिसे दान राशि गिनने का काम सौंपा गया था।

नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इधर देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में कहा, सनातन धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। SIT की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने इस मामले को अयोध्या को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश करार दिया और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एफआईआर को ढोंग बताने पर पलटवार करते हुए कहा कि 15 साल के उनके कार्यकाल ने दिल्ली को केवल विनाश और भ्रष्टाचार दिया है। इन सभी के बीच ट्रस्ट की तरफ से अब तक कोई सफाई नहीं आयी है।