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यह 79 फीट लंबा समुद्र का दैत्य हुआ करता था, देखें वीडियो

खोई हुई हड्डियों से वैज्ञानिकों ने नई खोज को अंजाम दिया

पहले जीवाश्म अचानक गायब हो गये थे

रीढ़ की हड्डियों से आकार की संरचना बनी

कल्पना से भी दोगुना आकार था इस प्राणी का

राष्ट्रीय खबर

रांचीः विज्ञान और इतिहास की दुनिया में कई बार ऐसे चमत्कार होते हैं जो दशकों से अनसुझे रहस्यों से पर्दा उठा देते हैं। हाल ही में एक नए अध्ययन ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है, जब पृथ्वी के सबसे खूंखार और विशाल शिकारी शार्क मेगालोडन (अब आधिकारिक तौर पर ओटोडस मेगालोडन) के जीवाश्म एक संग्रहालय की अलमारी से अचानक बरामद हुए। दिलचस्प बात यह है कि ये बेहद दुर्लभ रीढ़ की हड्डियां दशकों पहले गायब मान ली गई थीं और इन्हें नष्ट या हमेशा के लिए गुमशुदा समझा जा रहा था।

देखें इसका वीडियो

यह नया शोध इस बात पर गहराई से रोशनी डालता है कि यह विशाल शार्क आज से लगभग 15 से 3.5 मिलियन वर्ष पूर्व महासागरों पर राज करती थी। इस अध्ययन ने पुराने अनुमानों पर मुहर लगा दी है, जिसके अनुसार ये जीव 24 मीटर यानी लगभग 79 फीट तक लंबे हो सकते थे। अगर इसकी तुलना हॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म जॉज की सबसे खतरनाक शार्क से करें, जो केवल 10.5 मीटर (34 फीट) लंबी थी, तो मेगालोडन का आकार उससे दोगुने से भी अधिक विशाल था।

डेनमार्क में मिले 1.1 करोड़ साल पुराने शार्क के इन जीवाश्मों का व्यास 23 सेमी (9 इंच) है, जो अब तक मिले किसी भी O. मेगालोडन का सबसे बड़ा रीढ़ का अवशेष है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस महाबली का नवजात बच्चा भी जन्म के समय 3.6 मीटर (12 फीट) लंबा होता होगा और इसकी उम्र लगभग एक सदी तक रही होगी।

आखिर संग्रहालयों से कैसे गायब हो जाते हैं अनमोल जीवाश्म? यह सवाल अपने आप में बेहद रोचक है कि संग्रहालयों जैसी सुरक्षित जगहों से इतने अनमोल जीवाश्म कैसे गायब हो जाते हैं। इतिहास गवाह है कि इसके पीछे कई अप्रत्याशित कारण रहे हैं।

सबसे बड़ा कारण युद्ध और संघर्ष रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, साल 1944 में म्यूनिख में हुए एक बम हमले में स्पाइनोसॉरस डायनासोर के मूल जीवाश्म नष्ट हो गए थे। इसी तरह, साल 1916 में एक जर्मन जहाज द्वारा कनाडाई जहाज को डुबोए जाने के बाद अल्बर्टा से ब्रिटेन ले जाए जा रहे डायनासोर के जीवाश्म भी समंदर में समा गए थे।

युद्धों के अलावा प्राकृतिक आपदाएं भी इतिहास को लील जाती हैं। साल 2011 में जापान में आए भूकंप और सुनामी ने इवाकी संग्रहालय को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे कई जीवाश्म नष्ट हो गए। इसके अलावा, साल 2018 में ब्राजील के नेशनल म्यूजियम में लगी भीषण आग में प्रदर्शन के लिए रखे गए अनगिनत बेशकीमती जीवाश्म जलकर राख हो गए। कभी-कभी भारी तादाद में नमूनों के होने के कारण चीजें गलत अलमारी में रख दी जाती हैं या धूल फांकती रहती हैं, जैसा कि इस मेगालोडन के मामले में हुआ जो दशकों तक एक कोने में अनजान बनी रही।

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