Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने... नाई की दुकान में 'मौत का प्लान'! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्...

आग से जलकर आठ लोगों की मौत

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भीषण अग्निकांड

  • अस्पताल के आईसीयू में 11 मरीज थे

  • अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

  • तीन पुलिसवालों ने कई जानें बचा ली

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 8 मरीजों की मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित न्यूरो आईसीयू के पीछे के स्टोरेज एरिया में हुआ। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच, स्टोरेज एरिया में चिंगारी उठने के बाद आग तेजी से फैली और धुएं का गुबार न्यूरो आईसीयू और आस-पास के वार्डों में भर गया। इस आईसीयू में उस समय 11 गंभीर मरीज भर्ती थे, जबकि पास के सेमी-आईसीयू में भी 13 मरीज थे।

प्रत्यक्षदर्शियों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि चिंगारी उठने की सूचना अस्पताल स्टाफ को दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि आग भड़कने और धुआं फैलने के बाद कई स्टाफ सदस्य मरीजों को छोड़कर अपनी जान बचाकर भाग गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। अंधेरा छा जाने के कारण मरीजों को निकालना मुश्किल हो गया।

हादसे की सूचना मिलने पर दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान, अस्पताल के कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के परिजनों ने मिलकर बड़ी संख्या में मरीजों को ट्रॉली और हाथों से उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला। तीन पुलिसकर्मियों— हरिमोहन, ललित और वेदवीर— को भी देवदूत बताया जा रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते वार्ड में घुसकर कई मरीजों की जान बचाई। धुएं के कारण इन तीनों पुलिसकर्मियों को भी बाद में इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा।

दुर्भाग्यवश, धुएं से दम घुटने और भगदड़ में गंभीर रूप से बीमार 8 मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और छह पुरुष शामिल हैं। मरीजों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं कि इतने बड़े अस्पताल में आग से निपटने के पर्याप्त उपाय क्यों नहीं थे।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के लिए छह सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति आग लगने के कारणों, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और आग से निपटने के उपायों की समीक्षा कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। प्रधानमंत्री और राज्यपाल ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।