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बंधकों का हवाला देकर हमास ने हमला रोकने को कहा

गाजा के अंदर अब आगे बढ़ रही है इजरायली सेना

दोहाः फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने इज़रायली सेना से तत्काल गाज़ा शहर पर हमले रोकने का आग्रह किया है। हमास ने चेतावनी दी है कि यदि इज़रायल तुरंत हमला बंद नहीं करता है, तो उसके कब्ज़े में मौजूद इज़रायली बंधकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। हमास की सैन्य शाखा, अल-कस्साम ब्रिगेड्स, ने एक बयान जारी कर यह गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि दो इज़रायली बंधकों का जीवन वास्तविक खतरे में है।

अल-कस्साम ब्रिगेड्स ने मांग की है कि इज़रायली सेना को 24 घंटे के लिए गाज़ा शहर पर अपने हमले पूरी तरह से रोक देने चाहिए। यह रोक स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे से प्रभावी होनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने एक और महत्वपूर्ण शर्त रखी है: इज़रायली सैनिकों को तुरंत गाज़ा शहर में स्ट्रीट 8 के दक्षिण के एक क्षेत्र में वापस हट जाना चाहिए। यह इसलिए ज़रूरी है ताकि अल-कस्साम ब्रिगेड्स बंधकों को निकालने का प्रयास कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक अंतिम माँग है।

अल-कस्साम ब्रिगेड्स ने पहले बताया था कि गाज़ा शहर में इज़रायल के भारी हमलों की तीव्रता के कारण पिछले 48 घंटों से इन दो बंधकों के साथ उनका संपर्क टूट गया है। संपर्क टूटने का मतलब है कि वे बंधकों की स्थिति और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं।

इस वक्त कुल 48 बंधक हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से यह माना जाता है कि 20 अभी जीवित हैं। इन सभी बंधकों के परिजनों ने लगातार चेतावनी दी है कि गाज़ा शहर में ज़मीनी हमला शुरू करना उनके प्रियजनों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। उनका डर है कि लड़ाई के दौरान या इज़रायली सेना के अंदर घुसने पर बंधकों को गंभीर चोट लग सकती है या वे मारे जा सकते हैं।

इस वक्त यह स्पष्ट नहीं है कि इज़रायल हमास की इन शर्तों को मानेगा या नहीं। दोनों पक्षों के बीच तनाव अत्यधिक है और हमास की यह मांग संघर्ष विराम या बंधकों की रिहाई से जुड़ी किसी भी भावी बातचीत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। हमास अपनी मांगों के ज़रिए इज़रायल पर ज़मीनी हमले को रोकने और बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाना चाहता है।