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तानाशाही और अहंकार का अंत बुरा होता हैः केजरीवाल

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी से नाराज आम आदमी पार्टी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की कथित गिरफ्तारी ने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भड़का दिया है। केजरीवाल ने इस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि तानाशाही और अहंकार करने वालों का अंत बुरा होता है।

उन्होंने इसकी तुलना पौराणिक और ऐतिहासिक अत्याचारियों से करते हुए कहा कि, रावण का भी अंत हुआ था। कंस का भी अंत हुआ था। हिटलर और मुसोलिनी का भी अंत हुआ था। उन्होंने जोड़ा कि आज उन सभी लोगों से नफरत की जाती है। आप सुप्रीमो ने जोर देकर कहा कि देश में आज तानाशाही चरम पर है, लेकिन ऐसे शासकों का अंत निश्चित है।

दिल्ली सरकार में मंत्री और आप नेता आतिशी ने भी वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने लद्दाख की जमीन, पर्यावरण, पहचान और मताधिकार से जुड़ी चिंताओं को आवाज़ देने के लिए वांगचुक के प्रयासों की सराहना की। आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स  पर पोस्ट किया कि ऐसे व्यक्ति को जेल में डालना लोकतंत्र पर सीधा हमला है और जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।

आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को केंद्र की भाजपा सरकार के डर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वांगचुक की गिरफ्तारी दिखाती है कि केंद्र सरकार को अपना अंत नजर आ रहा है। भारद्वाज ने इसकी तुलना कंस से करते हुए कहा, जैसे कंस को अपना अंत नजर आ रहा था… वैसे ही आज भाजपा की सरकार को हर आंदोलन में इनकी सत्ता का काल नजर आ रहा है।

ये डर अच्छा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी वांगचुक के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने वांगचुक को भारत के युवाओं की आशा, एक शिक्षक और वैज्ञानिक बताया, जिनके विचारों ने अनगिनत लोगों को प्रेरित किया है। सिसोदिया ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि इतनी महान शख्सियत को आज कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

आम आदमी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ने भी इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने वांगचुक को गिरफ्तार करके यह साफ कर दिया है कि वह पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है। पार्टी ने लद्दाख के लोगों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

आप ने इस कदम को लद्दाख के हक और अधिकारों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। कुल मिलाकर, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को तानाशाही, अहंकार और सत्ता के डर का परिणाम बताया है। आप नेताओं का मानना है कि लद्दाख के अधिकारों की आवाज़ उठाना लोकतंत्र में एक मौलिक अधिकार है, और इसे दबाने का कोई भी प्रयास असफल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस विरोध में लद्दाख के लोगों के साथ खड़े हैं।